सहारनपुर। केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर पिछले कई वर्षों से सेना भर्ती के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे युवाओं में गहरा रोष है। वे चार साल के लिए अग्निवीर नहीं बनना चाहते। उनका कहना है कि इससे युवाओं का उत्साह और मनोबल टूटेगा। युवाओं ने अग्निपथ को पूरी तरह नकारते हुए पुरानी भर्ती प्रक्रिया को ही लागू करने की मांग की है। ज्यादातर का कहना था कि चार साल की सेवा के बाद वे क्या करेंगे।
संविदा की समय सीमा हो 15 साल
सेना की भर्ती की तैयारी में पिछले कई माह से जुटे तलहेड़ी बुजुर्ग निवासी आकाश कुमार ने कहा कि सेना में चार साल के लिए संविदा पर जवानों की भर्ती कर केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगी। क्योंकि चार साल देश की सेवा करने के बाद वह फिर से बेरोजगार हो जाएंगे। इसलिए सरकार को संविदा की समय सीमा चार साल से बढ़ाकर 15 साल करनी चाहिए।
युवाओं का भविष्य बर्बाद करने पर तुली सरकार
मंजीत सिंह सरधना ने बताया कि जवानों को संविदा पर सेना में चार साल के लिए भर्ती करना युवाओं का भविष्य बर्बाद करना है। सरकार ऐसा करके सेना का भी निजीकरण करना चाहती है। चार साल देश की सेवा करने के बाद जवान क्या करेंगे। सरकार को इसके बारे में सोचना चाहिए। संविदा की बजाए सरकार को खुली भर्ती करनी चाहिए ताकि वह लंबे समय तक देश की सीमाओं पर रहकर देशवासियों की हिफाजत कर सकें।
मानदेय रखा गया है बेहद कम
सेना भर्ती की तैयारी कर रहा रामपुर मनिहारान निवासी नोमित तोमर का कहना है कि केवल चार साल की नौकरी के बाद वह क्या करेगा। ऐसे में जबकि इस दौरान मानदेय भी बहुत कम केवल 30 हजार रुपये मासिक रखा गया है। सरकार स्थायी रूप से भर्ती प्रक्रिया संचालित करे और दीर्घकालीन समय के लिए तैनाती करे।
अन्य क्षेत्रों की ओर आकर्षित होंगे युवा
गंगोह के गांव मुबारिकपुर निवासी शुभम सैनी का कहना है कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना युवाओं के साथ खिलवाड़ है। इससे युवाओं का सेना भर्ती में जाने से मोहभंग होगा और वह अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए किसी अन्य क्षेत्र की ओर आकर्षित होंगे।
अग्निपथ में अनिश्चितता से भरा है भविष्य
सरसावा के रवि शर्मा का कहना है कि सरकार का यह निर्णय पूरी तरह से गलत है कि चार वर्ष बाद 75 फीसदी को नौकरी से हटा दिया जाएगा, जब सरकार भर्ती के दौरान शारीरिक मानसिक तथा शैक्षणिक योग्यता की जांच करने के उपरांत भर्ती करेगी तो कोई चार वर्ष बाद अक्षम कैसे हो सकता है। यदि इस दौरान कोई दुर्घटना का शिकार हो जाए तो उसके भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा।
शुभम- फोटो : SAHARANPUR
आकाश कुमार- फोटो : SAHARANPUR
मंजीत सिंह- फोटो : SAHARANPUR
नोमित तोमर- फोटो : SAHARANPUR