चिलकाना/रामपुर मनिहारान/सरसावा/नानौता (सहारनपुर)। जैन समाज के दशलक्षण महापर्व प्रारम्भ हो गये हैं। शुक्रवार को प्रथम दिन उत्तम क्षमा धर्म की पूजा हुई।
सुलतानपुर के जैन मंदिर में जयपुर से आए पंडित साकेत शास्त्री ने उत्तम क्षमा का अर्थ बताते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को उत्तम धर्म को अपनाना है, तो उसको अपने अंदर के द्वेष, क्रोध, लोभ, मान को त्यागना होगा। जैन समाज के संरक्षक सुधीर कुमार जैन, अध्यक्ष विरेन्द्र कुमार जैन, उपाध्यक्ष बिजेन्द्र जैन, श्रीयांश कुमार जैन, महा मंत्री निशांक जैन, रोहित जैन, मोहित जैन, राजीव जैन, पारस जैन, विजय जैन, राहुल जैन, महिला मंडल से विजया रानी, पारुल जैन, ममता जैन आदि रहे। चिलकाना के श्री दिगंबर जैन मंदिर में जयपुर राजस्थान से आए पं. सुपनेश जैन शास्त्री ने शांतिधारा तथा पूजन कराया। इस दौरान राकेश जैन, तरसेम चंद जैन, अनुपम जैन, अनमोल जैन, अरविन्द जैन, विनय जैन, सौरभ जैन आदि थे।
रामपुर मनिहारान के तीनों जैन मंदिरों को भव्य रुप से सजाया गया। सुबह सवेरे बड़े जैन मंदिर में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री 1008 आदिनाथ भगवान की प्रतिमा का अभिषेक शांतिधारा पूजन प्रक्षाल की गई। समस्त क्रियाएं मथुरा चौरासी से आए पंडित अतिशय शास्त्री द्वारा कराई गई। इस विधान में इंद्र इंद्राणी बने जैन समाज के महिला पुरुषों व बच्चों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। पंडित अतिशय शास्त्री व सिद्धार्थ शास्त्री ने कहा कि क्षमा करना कायरों का नहीं वीरों का कार्य होता है। जैन समाज के अध्यक्ष मनोज जैन, उपाध्यक्ष निपुण जैन, महामंत्री संजय जैन, विनीत जैन, पंकज जैन, डॉ राजेश जैन, पुष्पेन्द्र जैन, नमन जैन, शशांक जैन, नमन जैन, विनित जैन, अनुराग जैन, अरविन्द जैन, पुनीत जैन, विजय जैन, अन्नु जैन रहे।
सरसावा के दोनों जैन मंदिरों को आकर्षक रूप से सजाया गया। सराफा बाजार स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर तथा मोहल्ला चौधरियन स्थित श्री महावीर बुल्ली कोर जैन मंदिर मंदिरों में रंग बिरंगी झालर लगाई गई तथा रात्रि में रंगीन रोशनी से मंदिर को प्रकाशमान किया गया। सुबह के समय मंदिर जी में पूजा प्रक्षाल कार्यक्रम सामूहिक रूप से आयोजित हुए। इसके उपरांत दशलक्षण पर्व के प्रथम दिन उत्तम क्षमा धर्म की पूजा की गई। जैन शास्त्रों के विद्वान नरेश चंद जैन तथा स्याद्वाद महिला मंडल की संचालक अलका जैन ने कहा कि भाद्रपद माह के अंतिम 10 दिनों में दशलक्षण पर्व मनाया जाता है जो अनंत चतुर्दशी के दिन संपन्न होता है।
नानौता में भक्तों द्वारा श्रीजी का जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की गई। प्रथम दिन जैन धर्म के लोगों ने एक दूसरे से वर्ष भर में उनके द्वारा हुई जाने अनजाने में अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगी।
मंदिर पहुंचे श्रद्धालु स्नेह जैन, प्रमोद जैन, पूजा जैन, रितु जैन, निशि जैन, रीमा जैन, पूर्वी जैन आदि द्वारा पूजा अर्चना की गई।
चिलकाना के जैन मंदिर में पूजा करते जैन श्रद्धालु- फोटो : SAHARANPUR
रामपुर मनिहारान जैन मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु- फोटो : SAHARANPUR