सहारनपुर। जिला पंचायत में 2.81 करोड़ से विकास कार्य कराए गए, लेकिन बिल के नाम पर कुछ नहीं। अधिकतर विकास कार्य ऐसे हैं, जिनके बिल ई-स्वराज पोर्टल पर अपलोड ही नहीं किए गए और जिनके बिल अपलोड दर्शाए गए हैं, वह भी कोरे कागज है। विकास कार्य हुए, बजट भी खर्च हुआ तो फिर बिल के नाम पर यह खेल क्यों। यह किसी की लापरवाही है या फिर कुछ और, जो सवालों के घेरे में है।
दरअसल, जिला पंचायत की तरफ से इसी साल अप्रैल माह में विकास कार्यों को लेकर पड़ताल की गई। पोर्टल पर दर्शाया गया कि जिला पंचायत की तरफ से करीब 14 स्थानों पर अप्रैल माह में सीसी रोड से लेकर तालाब और नाला निर्माण आदि कराए गए। नियमानुसार, पोर्टल पर विकास कार्य का नाम, खर्च और उसका बिल अपलोड करना होता है। पड़ताल में सामने आया कि अप्रैल माह में विकास कार्यों पर लगभग दो करोड़ 81 लाख तीन हजार 29 रुपये खर्च किए गए, जिसमें करीब 18 लाख के ऐसे काम है, जिनका कोई बिल ही नहीं दर्शाया गया।
इसके अलावा बाकी कार्यों के बिल के नाम पर कोरा कागज अपलोड कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि पूरे अप्रैल माह में कराए गए किसी भी विकास कार्य का बिल पोर्टल पर नहीं है। ऐसे में सवाल यह है कि अगर विकास कार्य हुए हैं तो बिल क्यों नहीं।