देवबंद। महिलाएं छह माह बाद दारुल उलूम परिसर में घूमती नजर आईं। हालांकि फोटो शूट और वीडियोग्राफी पर रोक लगाए जाने के कारण वह इन यादगार पलों को कैद नहीं कर सकीं। इस दौरान संस्था में प्रवेश के समय को लेकर भी कशमकश की स्थिति बनी रही। इसके चलते काफी संख्या में महिलाओं को वापस लौटना पड़ा।
दारुल उलूम प्रबंधन ने विगत 17 मई को संस्था में महिलाओं के प्रवेश को प्रतिबंधित किया था। तर्क था कि महिलाएं बेपर्दा होकर रील बना रही हैं। इसे वह सोशल मीडिया पर डाल रही है और इसकी वजह से संस्था की बदनामी हो रही है।
प्रतिबंध के बाद से लगातार पाबंदी को हटाए जाने की मांग उठ रही थी। इसको देखते हुए प्रबंधतंत्र ने विचार विमर्श करने के बाद शुक्रवार से महिलाओं को संस्था में घूमने की अनुमति दी थी, लेकिन इसके साथ ही विजिटर पास भी बनाया है।
इसमें कई तरह के नियम बनाए गए हैं। शनिवार को विजिटर पास बनवाकर महिलाएं दारुल उलूम देखने पहुंचीं। हालांकि शुरू दिन यह तादाद बहुत ज्यादा नहीं रही। मोहतमिम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को 31 विजिटर पास बनाए गए हैं।
वहीं, संस्था में प्रवेश के समय को लेकर काफी संख्या में महिलाओं को वापस लौटना पड़ा। दरअसल प्रबंधन ने संस्था में घूमने का समय सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक रखा है। जबकि बहुत से महिलाएं इस समय के बाद पहुंची। जिन्हें चौकीदारों ने वापस लौटा दिया।