सहारनपुर। ‘बलात्कार की घटना पीड़िता के लिए अत्यंत अटल पीड़ादायक व अपमानजनक होती है, इसी प्रकार झूठा बलात्कार का आरोप लगाया जाना समान प्रकार की पीड़ा, अपमान और क्षति पहुंचाता है’। इस कड़ी टिप्पणी के साथ अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या- 9 कल्पना पांडे ने अपनी ससुराल में एक दिन रहने वाली विवाहिता द्वारा अपने पति, जेठ, पति के मामा, ननद, रिश्तेदार और शादी कराने वाले बिचौलिए के विरुद्ध बलात्कार, दहेज और घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराने वाली और बाद में उन आरोपों से मुकर जाने को गंभीरता से लेते हुए लक्ष्मण पुरी खलासी लाइन निवासी प्रेरणा को तीन माह के कारावास व 400 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
ससुराल पक्ष के अधिवक्ता अंबेश कपिल ने बताया देहरादून निवासी गोपाल की शादी 26 फरवरी 2020 को खलासी लाइन निवासी प्रेरणा के साथ हुई थी। प्रेरणा ने एसएसपी सहारनपुर को प्रार्थनापत्र देते हुए ससुराल पक्ष पर आरोप लगाया की 27 फरवरी 2020 को ससुराल पक्ष ने उसके साथ दान दहेज कम लाने के लिए मारपीट की है व बलात्कार का प्रयास किया है। एसएसपी के आदेश पर ससुराल पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया और पुलिस ने भी विवेचना उपरांत ससुराल पक्ष के खिलाफ मारपीट घरेलू हिंसा आदि के मामले में आरोप पत्र पेश कर दिया। दौरान वाद महिला अपने बयान से मुकर गई। कोर्ट ने इस बात को गंभीरता से लेते हुए कहा कि झूठी गवाही के कारण पांच अभियुक्त गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं, जिस कठिनाई का असर उनके परिवारों पर भी गंभीर रूप से पड़ा है, उक्त टिप्पणी के साथ महिला को ही तीन माह के कारावास व 400 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।