सहारनपुर। कृषि विज्ञान केंद्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत बनाई गई खाद्य प्रसंस्करण प्रयोगशाला में बेरोजगार युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण के गुर सिखाए जाएंगे। इसके लिए युवाओं को एक महीने का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इससे युवा अपना स्वरोजगार स्थापित करके दूसरों को भी रोजगार दे सकेंगे।
जनपद में बडे़ स्तर पर आम, अमरूद, लीची से लेकर अन्य फलों के बाग हैं। इसके अलावा विभिन्न सब्जियों की खेती भी एक बडे़ क्षेत्रफल में होती है। कई बार बाजार में बढ़िया भाव नहीं मिलने के चलते फल एवं सब्जियों को खेत में ही जोतना पड़ता है। इससे किसानों को घाटे का सामना करना पड़ता है। अब कृषि विज्ञान केंद्र में स्थापित खाद्य प्रसंस्करण प्रयोगशाला में बेरोजगार युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। 15 जुलाई से शुरू होने वाले प्रशिक्षण में उन्हें आम का अचार, जैम, अमचूर, आम रस, आम का पन्ना, आम पापड़, आम की कैंडी, मशरूम का मुरब्बा, सूप, पाउडर, बिस्कुट, केचप, चिप्स, अचार, कैंडी, पापड़ आदि बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिससे जनपद में पैदा होने वाले फलों और सब्जियों को प्रोसेस कर उनमें वैल्यू एडिशन किया जा सके। इसके साथ ही विपणन के गुर भी सिखाए जाएंगे। इससे जहां युवाओं को स्वरोजगार मिलेगा, वहीं किसानों को भी उनकी फसलों का उचित दाम मिलने में मदद मिलेगी।
15 जुलाई से शुरू होगा प्रशिक्षण
केवीके में स्थित खाद्य प्रसंस्करण प्रयोगशाला में 15 जुलाई से प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। इसमें बेरोजगार युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण के गुर सिखाए जाएंगे। इससे प्रशिक्षित युवा न सिर्फ स्वरोजगार स्थापित कर सकेंगे बल्कि अन्य को भी रोजगार दे सकेंगे। - डॉक्टर आईके कुशवाहा, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र
जिले में बागवानी (हेक्टेयर में)
फल क्षेत्रफल
आम 25000
अमरूद 2600
लीची 2550
आडू 250
सब्जियों का रकबा (हेक्टेयर में)
सब्जी रकबा
आलू 520
टमाटर 200
हरी मिर्च 250
गाजर 2000
करेला 2250
शलजम 500
मूली 550
फूल एवं पत्ता गोभी 5000
नोट: उद्यान विभाग के आंकड़ों के अनुसार।