सहारनपुर। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य सतीशचंद्र मिश्रा ने कहा कि भाजपा और सपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जिस तरह सपा शासन में गुंडाराज था, उससे भी खराब हालात आज हैं। बिकरु कांड सहित कई हत्याकांडों का जिक्र कर वह ब्राह्मणों को साधते और सचेत करते नजर आए। उन्होंने कहा कि भाजपा की रोको और ठोको नीति का जवाब भाईचारा कायम करके दिया जाएगा।
यह बातें उन्होंने बुधवार को सहारनपुर में अंबाला रोड स्थित एक विवाह मंडप में आयोजित प्रबुद्ध वर्ग विचार संगोष्ठी में कही। उन्होंने आरोप लगाया कि आज ब्राह्मण और दलितों को नाम पूछकर जेल में डाला जाता है। कई घटनाएं ब्राह्मण समाज के लोगों के साथ हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीति रोको और ठोको वाली है। विकास दुबे का नाम लिए बगैर कहा कि दूसरे राज्यों से भी ब्राह्मणों को उठाकर लाया जाता है और गोली मार दी जाती है। इसी तरह खुशी दुबे का प्रकरण भी उन्होंने उठाया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण डरता नहीं है और ना डरेगा। इसलिए भाजपा की रोको और ठोको नीति का जवाब भाईचारा कायम करके दिया जाएगा, यह भाईचारा ब्राह्मण, दलित, पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग का बनेगा, जो 2007 में बना था। उन्होंने कहा कि बसपा के शासन में कानून का राज था, जिसे लोग आज भी याद करते हैं।
39 फीसदी वोटों का गणित समझाया
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि बसपा सरकार में सबसे अधिक 40 विधायक और 31 कैबिनेट मंत्री ब्राह्मण थे। प्रदेश में 16 फीसदी आबादी ब्राह्मणों की है, जिनकी कुल संख्या करीब चार करोड़ बैठती है। अकेले ब्राह्मण सत्ता नहीं पा सकते। इसलिए दलित, ओबीसी और पिछड़ा वर्ग के 23 फीसदी को मिलकर 39 फीसदी वोटरों को एकजुट होकर ताकत दिखानी होगी। उन्होंने कहा कि 2022 में फिर से बहनजी के नेतृत्व में बसपा की सरकार बनने जा रही है, जिसमें ब्राह्मणों को पूरा मान सम्मान दिया जाएगा।
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किसी के पास नहीं है अयोध्या जाने का ठेका
सतीश चंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के नाम पर 1993 से अब तक हजारों करोड़ रुपये चंदा इकट्ठा कर लिया। भूमि पूजन के नाम पर मात्र पांच ईंटें रखी गईं, मगर आज तक मंदिर निर्माण नहीं हुआ है। भाजपा मंदिर इसलिए नहीं बना रही है, क्योंकि उसे चुनावी मुद्दा जिंदा रखना है। उन्होंने कहा कि मेरे अयोध्या जाने पर सवाल उठाए गए, जबकि अयोध्या जाने का ठेका किसी एक दल के पास नहीं है, वहां कोई भी जा सकता है।
-- हुआ शंखनाद और लगे भगवान परशुराम के जयकारे
सहारनपुर। संगोष्ठी में कार्यकर्ता शंखनाद करते हुए और भगवान परशुराम के जयकारे लगाते हुए पहुंचे। एक टोली में कार्यकर्ता नंगी तलवार लहराता पहुंचा। सतीश चंद्र मिश्रा के स्वागत के लिए उनको माला पहनाई गई तो पंडितों की मंडली ने मंत्रोच्चारण किया। मंच पर आसीन पदाधिकारियों को जय श्री राम लिखे पटके पहनाए गए। सतीश चंद्र मिश्रा ने भाषण का समापन जय भीम, जय भारत, जय परशुराम के साथ किया।
कार्यक्रम स्थल बदलने का आरोप
सतीश चंद्र मिश्रा ने जिला प्रशासन पर कार्यक्रम स्थल बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिस समय बहनजी शब्बीरपुर आई थीं, उस समय हेलीकॉप्टर उतरने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद बहनजी कार द्वारा शब्बीरपुर पहुंची थीं। इसी प्रकार विचार गोष्ठी को खराब करने के लिए जिला प्रशासन ने पूर्व निर्धारित स्थल जनमंच की अनुमति नहीं दी और अंबाला रोड पर कार्यक्रम करना पड़ा।
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रोजगार देने की बजाय छीन रही भाजपा सरकार
सतीश चंद्र मिश्रा ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने सभी के खातों में 15 लाख रुपये देने का वादा जनता से किया था, मगर नहीं दिया। हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन दो करोड़ रोजगार छीने जा रहे हैं। उन्होंने नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसलों को भी विफल बताया।
ये लोग रहे मौजूद
पूर्व मंत्री नकुल दुबे, सांसद हाजी फजलुर्रहमान, उत्तराखंड प्रभारी नरेश गौतम, जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद, कुलदीप बालियान, पूर्व विधायक जगपाल सिंह, राजकुमार सैनी, विनोद पंवार, एसआलम आदि मौजूद रहे।