सहारनपुर। किसानों के रेल रोको आंदोलन से ट्रेनों के पहिए थमे रहे। लखनऊ-चंडीगढ़, डिब्रुगढ़-चंडीगढ़ और कोलकाता-अमृतसर दुर्गियाना एक्सप्रेस को सहारनपुर में रोका गया, जबकि जनसेवा, शहीद, ऊना हिमाचल-हरिद्वार एक्सप्रेस सरहिंद, अंबाला और बराड़ा में रोकनी पड़ी। ट्रेनों के पहिए जहां-तहां थमे तो वह समय की पटरी से उतर गई। इसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
किसान अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। इसलिए रविवार को किसान रेल रोको आंदोलन के तहत पंजाब में अलग-अलग रेलवे ट्रैकों पर बैठ गए। दोपहर 12 बजे किसान रेलवे ट्रैक पर आए तो ट्रेनों का संचालन गड़बड़ा गया। इसके बाद रेलवे ने ट्रेनों को निरस्त करने के साथ ही जहां-तहां रोकना पड़ा। इससे ट्रेनों के पहिए थमे रहे। ट्रेन नंबर 15011 लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर सहारनपुर में दोपहर 12:35 बजे पहुंची, लेकिन यह ट्रेन सहारनपुर में एक घंटे खड़ी रही और दोपहर करीब 1:35 बजे रवाना हुई।
इसी तरह 12357 कोलकाता-अमृतसर दुर्गियाना एक्सप्रेस दोपहर 1:50 बजे पहुंची और यहां से 3:05 बजे रवाना की गई। 15903 डिब्रुगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस दोपहर 2:30 बजे आकर 3:40 बजे रवाना हुई। 14618 अमृतसर-बनमनखी जनसेवा एक्सप्रेस को सरहिंद, 14673 जयनगर-अमृतसर अंबाला, 14618 बनमनखी-अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस बराड़ा, 04502 ऊना हिमाचल-हरिद्वार एक्सप्रेस कीरतपुर साहिब रेलवे स्टेशन पर रोका गया। इसकी वजह से यह ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर नहीं पहुंची। इससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। ट्रैक से किसान उठे तो ट्रेनों का संचालन सुचारू हो पाया।
- रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा रही चाक चौबंद
किसानों के रेल रोको आंदोलन के चलते रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही। जीआरपी और आरपीएफ मुस्तैद के जवान मुस्तैद रहे। जीआरपी थाना प्रभारी संजीव कुमार ने प्लेटफार्म से लेकर सर्कुलेटिंग एरिया तक में चेकिंग की। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों से भी हर गतिविधियों पर पैनी नजर रखी। रेलवे का खुफिया तंत्र भी सक्रिय रहा।
- क्या बोले यात्री
रेलवे स्टेशन पर लखनऊ-चंडीगढ़, डिब्रुगढ़-चंडीगढ़ और कोलकाता-अमृतसर दुर्गियाना एक्सप्रेस सहारनपुर में एक-एक घंटे खड़ी रही। इन ट्रेनों में यात्रा कर रहे ज्ञानी सिंह, सरफराज, जुनैद और विशाल ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि ट्रेनें सहारनपुर में आकर खड़ी हो जाएगी। एक घंटे ट्रेनों के रुकने से परेशानी हुई।