सहारनपुर। राधा स्वामी सत्संग व्यास के डेरा प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो महाराज ने कहा कि समय रहते नाम-जप कर लें, एक बार समय निकल गया तो पछतावे के सिवा कुछ हाथ नहीं लगेगा। हर मजहब परमात्मा को प्राप्त करने की राह दिखाता है।
रविवार को पिलखनी स्थित सत्संग भवन में राधा स्वामी सत्संग व्यास के डेरा प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो महाराज ने प्रवचनों से संगत को निहाल कर दिया। इसके साथ ही चार दिवसीय कार्यक्रम संपन्न हो गया। उन्होंने कहा कि इंसान पूजा-पाठ करता है। ग्रंथों को भी पढ़ता है। सिर्फ ग्रंथों का पढ़कर परमात्मा की प्राप्ति नहीं हो सकती है। इंसान की फितरत है कि वह हर काम को करने का आसान तरीका खोजता है। इस वजह से बाहरी साधना में फंसकर रह जाता है। परमात्मा ने मनुष्य को विवेक दिया है। विवेक के साथ तर्क आता है, लेकिन अगर इंसान उस तर्क को नहीं समझेगा और अपनी आंखों पर पट्टी बांध कर चलेगा तो परमात्मा की प्राप्ति नहीं कर पाएगा। परमात्मा की प्राप्ति के लिए मनुष्य को चाहिए कि पहले वह खुद को परमात्मा के लायक बनाए और खुद को नाम, भजन, बंदगी में लगाए।
- नाम तो पहले से ही हमारे अंदर
बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो महाराज ने कहा कि अलग-अलग युगों में महापुरुषों द्वारा परमात्मा की भक्ति के अनेक साधन बताए हैं। कलयुग में न मनुष्य की उम्र ज्यादा रही, न ताकत उतनी रही और न ही समझ उतनी है। परिवर्तन संसार का नियम है। कहा कि नाम न दिया जाता है न ही लिया जाता है, जब हम महापुरुषों के पास नामदान के लिए जाते हैं तो वे सिर्फ हमें युक्ति सिखाते हैं। नाम तो पहले से ही हमारे अंदर है, नाम के बिना तो इंसान जीवित ही नहीं रह सकता। ऐसा नहीं है कि हम किसी महापुरुष के पास जाएंगे और वो कोई जादू करके हमारे अंदर नाम डाल देंगे। नाम को हमें ही पहचानना होगा।
- नेपाल से भी आए लोग, चार दिन में पहुंचे दस लाख लोग
बाबा गुरिंदर सिंह महाराज के प्रवचन सुनने के लिए नेपाल से भी अनुयायी सत्संग भवन पहुंचे। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड़, हिमाचल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से करीब पांच लाख से अधिक लोग शामिल हुए। चार दिवसीय कार्यक्रम में करीब आठ से दस लाख लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
- अनुशासित अनुयायियों में दिखी पूरी आस्था, संभाली व्यवस्थाएं
अनुयायियों ने ही सभी व्यवस्थाएं संभाली। पूरे जिले में यातायात पुलिस के अलावा सेवादारों ने भी प्रत्येक चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था देखी। सत्संग जाने वाले लोगों और शहरवासियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी। इसके अलावा 26 बीघा में बने सत्संग भवन में लंगर, दवाओं, पथ प्रकाश, पार्किंग सहित अनेक व्यवस्थाएं सेवादारों ने पूरे अनुशासन के साथ संभाली। उनमें बाबा के प्रति आस्था अलग ही दिखाई दी।
- सत्संग भवन पहुंचने लगाए हजारों वाहन
रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर राधा स्वामी सत्संग व्यास प्रबंधन द्वारा हजारों की संख्या में बसों, ट्रैक्टर-ट्रालियां, टेंपों, मिनी बसों के साथ अन्य वाहन लगाए। ताकि किसी भी अनुयायी को दिक्कत न हो। इन वाहनों के जरिए अनुयायी सत्संग भवन पहुंचे।
- सुरक्षा रही चाकचौबंद, दूरबीन से भी रखी नजर
सत्संग भवन में सहारनपुर, हरियाणा और पंजाब पुलिस भी तैनात रही। इसके अलावा व्यास से आए निजी सुरक्षाकर्मी भी चप्पे-चप्पे पर मौजूद रहे। सुरक्षाकर्मियों ने दूरबीन और सीसीटीवी से भी नजर रखी। इसके अलावा लोगों की चेकिंग भी की गई। सभी 13 द्वारों पर आने-जाने वाले लोगाें की चेकिंग की गई।
- कई जगह गए, मन को शांति यहां मिली
लुधियाना से आई सुषमा कौर ने कहा कि राधा स्वामी सत्संग व्यास से जुड़कर उनके मन को शांति मिली है। इससे पहले वह कई जगहों पर गई, लेकिन यहां जुड़ने के बाद एक अलग ही अनुभव हुआ है। देहरादून से राजेंद्र सिंह ने बताया कि दस वर्ष से वह व्यास से जुड़े हैं। तब, वह खुद का जीवन सुखद महसूस कर रहे हैं। सहारनपुर के मोहल्ला पटेलनगर निवासी राजेंद्र कोहली और सुभाषनगर निवासी राजपाल सिंह ने कहा कि राधा स्वामी सत्संग से जुड़ने के बाद से उनके मन की सभी शंकाएं दूर हो चुकी है। पहले मन विचलित रहता था, लेकिन अब मन काबू में रहता है।
- बाबा के जाते ही कुछ जगह लगा जाम
बाबा गुरिंदर सिंह महाराज रविवार की दोपहर काफिले के साथ सड़क मार्ग से चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए। बाबा के जाने के बाद कई प्रदेशों और शहरों से आए लोग भी लौटने लगे। इस वजह से कुछ देर के लिए अंबाला रोड पर जाम की स्थिति बनी, लेकिन सेवादारों ने यातायात पुलिस को व्यवस्था को सुचारू कराया।
- जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, न्यायिक अधिकारी पहुंचे
बाबा के दर्शन करने सहारनपुर, हरियाणा, पंजाब से कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवा से जुड़े लोग और न्यायिक अधिकारी पहुंचे। उन्हाेंने बाबा से मुलाकात कर आशीर्वाद भी लिया।