कम उत्पादन और बाजार मूल्य ज्यादा होने से क्रय केंद्रों पर कम पहुंच रहा गेहूं
चिलकाना (सहारनपुर)। क्षेत्र के क्रय केंद्रों पर गेहूं बहुत कम मात्रा में आ रहा है। मंडी में गेहूं न आने का मुख्य कारण इस बार उत्पादन कम होना तथा बाजार में गेहूं का मूल्य सरकारी खरीद मूल्य से अधिक होना बताया जा रहा है।
चिलकाना मंडी परिसर में लगे खरीद केंद्र पर दो दिन में केवल 246 क्विंटल गेहूं खरीदा जा सका है। जबकि पटनी समिति पर मात्र 33 क्विंटल, दास्सा माजरा समिति पर 45 क्विंटल तथा बुड्ढा खेड़ा समिति पर 493 क्विंटल गेहूं की खरीद हो सकी है। क्षेत्र के प्रगतिशील किसान सुभाष वालिया ने बताया कि सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं ले जाने वाले किसानों से तुलाई, सफाई, झराई आदि के नाम पर 20 रुपये प्रति क्विंटल पहले ही ले लिया जाता है। इस प्रकार उन्हें 2015 प्रति क्विंटल के हिसाब से न मिलकर 1995 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से पैसा मिल रहा है। जबकि बाजार में गेहूं का भाव सरकारी खरीद से अधिक है। पूर्व प्रधान डॉ. इरशाद ने बताया कि इस बार गेहूं की उपज प्रति बीघा काफी कम है। जिस खेत में चार क्विंटल गेहूं उत्पादन होता था, वहां दो अथवा ढाई क्विंटल गेहूं की पैदावार हो रही है। इस कारण भी लोग सरकारी खरीद केंद्रों पर कम मात्रा में गेहूं लेकर जा रहे हैं। बाजार में गेहूं का मूल्य अधिक है तथा किसान को अपनी फसल का मूल्य नगद मिल जाता है। इसलिए सरकारी खरीद केंद्र से किसान मुंह मोड़ रहा है।