नेहरू मार्केट में खरीदारी करते लोग
सहारनपुर। मांगलिक कार्यों पर शुक्रवार से रोक लग जाएगी। बीते दो माह में बाजार खरीदारों से गुलजार रहा। इसमें टैक्स में कमी से भी खरीदारों को राहत मिली। कपड़ा से लेकर ऑटोमोबाइल सेक्टर में जमकर खरीदारी हुई। अब जब मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी तो कपड़ा बाजार सर्दी के सहारे होगा।
महानगर के रायवाला, नेहरू मार्केट, रानी बाजार में त्योहारी सीजन में जमकर खरीदारी हुई। सहालग ने इस बार कारोबारियों में जोश भर दिया। कारोबारियों की माने तो इस बार सीजन पिछले वर्ष के मुकाबले अच्छा रहा। कारोबारी रमन ने बताया कि दूल्हों के लिए शेरवानी तो दुल्हनों ने राजस्थानी लहंगों की अधिक खरीदारी हुई है। अब जब मांगलिक कार्यों पर रोक लग गई है तो कपड़ा कारोबारियों की नजर सर्दी पर टिकी है। दिसंबर और जनवरी में जितनी अधिक सर्दी पड़ती है। गर्म कपड़ों का कारोबार भी उतना ही अधिक बढ़ता है। कारोबारी मोनू ने बताया कि खरमास में शादी के लिए तो खरीदारी नहीं होती, लेकिन गर्म कपड़ों की खरीदारी लोग जरूर करते हैं।
सराफा कारोबारी गौतम शंकर सिंघल ने बताया कि खरमास के चलते गहनों की बिक्री कम हो जाती है। ऑफ सीजन में लोग कम वजन के गहने अधिक पसंद करते हैं। इसके अलावा इस बार हल्के डायमंड के गहने भी महिलाएं अधिक पसंद कर रही है।
- 16 दिसंबर से शुरू हो रहे खरमास
ज्योतिषाचार्य अमित चतुर्वेदी ने बताया कि पांच दिसंबर के बाद से मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। इसके अलावा 16 दिसंबर से खरमास की शुरुआत होगी। इसके साथ ही 11 दिसंबर को शुक्र ग्रह भी अस्त हो रहे हैं। पांच से आठ दिसंबर तक मांगलिक कार्यों के लिए कोई मुहूर्त नहीं हैं। शुक्र ग्रह अगले वर्ष एक फरवरी को उदय होंगे। इसके बाद ही मांगलिक कार्य होंगे।