सिद्धपीठ में मंदिर के पास नदी में बढ़ा पानी का जलस्तर। श्रोत-श्रद्धालु
शाकंभरी/मिर्जापुर। मिर्जापुर में शिवालिक पहाड़ियों पर हुई बारिश और देहरादून के सहंश्रधारा में बादल फटने के बाद यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया। मंगलवार को हथिनीकुंड बैराज से यमुना में सुबह 11 बजे यमुना में सर्वाधिक 61 हजार 437 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हालांकि पानी धीरे धीरे सामान्य होता चला गया। हथिनीकुंड बैराज के गेज रीडर शेर सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मंगलवार को सुबह 11 बजे हथिनीकुंड बैराज पर सर्वाधिक 70257 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। इसके बाद से पानी में लगातार गिरावट दर्ज की गई शाम 6 बजे यमुना में 22370 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
शिवालिक पहाड़ियों एवं मैदानी इलाके में हुई बारिश के बाद घाड़ क्षेत्र की अधिकतर नदियों में पानी आ गया। हालांकि शिवालिक पहाड़ियों पर बारिश अधिक हुई जबकि मैदानी क्षेत्र में बूंदाबांदी ही हुई।
उधर, सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में श्रद्धालुओं को एक घंटे तक रोका गया। इसके अलावा शाहपुर गाड़ा, बादशाही बाग, खुवासपुर, नौगांवा सहित कई गांवो की नदी में पानी आ गया परंतु रास्ते बाधित नहीं हुए।
सिद्धपीठ में शाकंभरी नदी में दोपहर 12 बजे नदी में पानी का जलस्तर अचानक से बढ़ गया। शाकंभरी चौकी इंचार्ज गजेन्द्र सिंह एवं पुलिस स्टाफ ने सायरन बजाकर मंदिर में दर्शन करने गए हुए श्रद्धालुओं को बाहर निकाला। मां के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं को एक घंटे तक भूरादेव पर ही रोके रखा और दोपहर एक बजे मां के दर्शनों को भेजा गया।