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शिक्षा मित्रों के अरमानों पर फिरा पानी

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सहारनपुर। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने शिक्षा मित्रों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। शिक्षक बनने की दौड़ से बाहर होने के बाद शिक्षा मित्रों के साथ ही उनके परिवारों में मायूसी है। जनपद में 800 से अधिक शिक्षा मित्र प्रभावित होंगे।
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दिसंबर 2018 में प्रदेश सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के 69000 पदों के लिए भर्ती निकाली थी। छह जनवरी 2019 को करीब चार लाख अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा में हिस्सा लिया था। एक दिन बाद सरकार की तरफ से कटऑफ मार्क्स का मानक तय किया था। परीक्षा का पेपर 150 नंबर का था। परीक्षा में पास होने के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 150 में से 97 और आरक्षित वर्ग से आने वाले अभ्यर्थी को 150 में से 90 नंबर लाने थे। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 65 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 60 प्रतिशत कटऑफ तय किया था।
शिक्षामित्र 60-65 प्रतिशत कटऑफ का विरोध कर हाईकोर्ट गए थे। हाई कोर्ट ने प्रदेश सरकार के पक्ष में फैसला दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले सही ठहराया है। ऐसे में 60 फीसदी से कम कटऑफ वाले शिक्षा मित्रों का सपना चकनाचूर हो गया है। जनपद में ऐसे शिक्षा मित्र 800 से अधिक हैं। आदर्श समायोजित शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष अंजू कश्यप ने कहा कि वह कोर्ट के फैसले का सम्मान करती हैं, मगर यह निर्णय शिक्षा मित्रों के पक्ष में नहीं है।
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