- शुक्रवार सुबह से ही बंद थे मुस्लिम बाहुल्य बाजार
- जुमे की नमाज होते ही गलियों से निकल कर सड़कों पर उतर पड़ी हजारों की भीड़
- जुलूस- प्रदर्शन की खुफिया विभाग को भी भनक नहीं लगी
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब पर टिप्पणी के विरोध में जुलूस निकाल कर प्रदर्शन करने की योजना मुस्लिम समाज के लोगों ने पहले से ही बना रखी थी। इसकी भनक किसी को नहीं लगने दी। यहां तक की पुलिस का खुफिया विभाग भी फेल साबित हो गया।
मुस्लिम समाज के लोगों ने शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जिस तरह हजारों की संख्या में सड़कों पर उतर कर जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। उससे तो यही लग रहा है कि उन्होंने पहले से ही इसकी योजना बना रखी थी। इसी कारण शुक्रवार सुबह से ही लोहानी सराय, वुड कार्विंग मार्केट, नखासा बाजार बंद था। यहां तक की महानगर में इस क्षेत्र के सभी बाजारों में भी मुस्लिमों की दुकानें बंद थीं। जिससे चर्चा सुबह से ही आम हो गई थी। बाजारों के दुकानदार भी कुछ बवाल होने से आशंकित दिखाई दे रहे थे, मगर पुलिस प्रशासन और खुफिया विभाग इससे अनजान बना था। नवाब गंज चौक और जामा मस्जिद के पास भीड़ को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात नहीं किया गया था। हालांकि मंडलायुक्त लोकेश एम और आईजी प्रीतिंदर सिंह पुलिस बल के साथ यहां पर नमाज से पहले भ्रमण कर चुके थे। दोपहर करीब 1.25 बजे जैसे ही जुमे की नमाज हुई, तभी पहले से निर्धारित कार्यक्रम के तहत गलियों से मुस्लिम समाज की भीड़ निकल कर जामा मस्जिद पर एकत्र हो गई। यहां से कई हजार लोगों की भीड़ जबरदस्त प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए नवाबगंज मार्केट, चौक, श्रीराम चौक, नेहरू मार्केट होते हुए घंटाघर की ओर बढ़ गई। नवाब गंज पर मौजूद कम फोर्स भीड़ को रोकने में नाकाम रही। घंटाघर पर जाकर भीड़ ने जमकर प्रदर्शन करते हुए हंगामा किया। यहां आईजी प्रीतिंदर सिंह ने स्वयं मोर्चा संभाला और भीड़ को समझाने का प्रयास किया। मगर भीड़ नहीं मानी, तभी भीड़ में किसी ने पथराव कर दिया। वीडियो बना रहे सिपाही कुलदीप के घायल होने पर पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को यहां से खदेड़ दिया।
बिना अनुमति के निकाला जुलूस, पहले से नोटिस जारी किए थे
सहारनपुर। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि मुस्लिम समाज के लोगों ने बिना अनुमति के जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। इसके लिए कोई अनुमति नहीं दी गई। समाज के जिम्मेदार लोग पहले ही इस प्रकरण को लेकर ज्ञापन दे चुके थे। उन्हें नोटिस भेज कर हिदायत भी दी गई थी कि शुक्रवार को कोई प्रदर्शन नहीं किया जाएगा।