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बढेढी के ग्रामीणों ने किया स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन

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छुटमलपुर के गांव बढेढी में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते ग्रामीण - फोटो : SAHARANPUR
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छुटमलपुर (सहारनपुर)। मुजफ्फराबाद ब्लाक के गांव बढेढी घोघु में बुखार का प्रकोप होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुध नहीं लिए जाने से गुस्साएं ग्रामीणों ने रविवार को प्रदर्शन किया। आरोप था कि गांव में सौ से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं। विभाग ने केवल दो कैंप लगाए हैं और उसमें भी डेंगू के लिए की गई जांच को आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया।
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गांव में पिछले एक माह से बुखार का प्रकोप चल रहा है। रविवार को इस मुद्दे को लेकर गांव में महिपाल सिंह के घेर में ग्रामीणों की बैठक हुई। इसमें स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष जताते हुए प्रदर्शन किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव में पांच अक्तूबर को कैंप लगाकर फिर चिकित्सकों ने दोबारा गांव की तरफ आ कर नहीं देखा। उस कैंप में 14 रोगियों के डेंगू की जांच के लिए रक्त के जो नमूने लिए थे, उनकी रिपोर्ट भी नहीं बताई गई। शकुंतला पत्नी शंभूराम ने बताया कि उनका भी खून डेंगू की जांच के लिए लिया था। उस वक्त उन्हें केवल दो गोली दी गई थी। उनका बुखार आज तक ठीक नहीं हुआ है। वर्तमान में गांव में सौ से ज्यादा लोगों को बुखार है।
ये हैं बुखार पीड़ित ग्रामीण
इस गांव में प्रशांत पुत्र कुशलपाल सिंह, आशीष पुत्र मोहन सिंह, ज्योति पुत्र नेत्रपाल सिंह, जसवंत सिंह पुत्र करण सिंह, सम्राट पुत्र रणदीप सिंह, पिंकी पत्नी रणदीप सिंह, सोमवीर पुत्र हुकुम सिंह, सुखपाल पुत्र महिपाल सिंह, शकुंतला पत्नी शंभूराम, भोला पुत्र शंभूराम, आरजू पुत्री भोला, पूजा पत्नी भोला, रोहित पुत्र बबली, नेहा पुत्री बबली, विशु पुत्र महिपाल सिंह बुखार से पीड़ित हैं।
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उधर जिला मलेरिया अधिकारी डा शिवांका गौड़ का कहना है कि गांव में फागिंग भी कराई गई है। किसी में भी डेंगू के लक्षण नहीं मिले हैं। यदि पुष्टि होती तो उसका उपचार कराया जाता। बताया कि वे सोमवार को ही गांव में फिर कैंप लगवाने का काम करेंगी।
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