विकास भवन में सीडियों से उतरते दिव्यांगजन
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। आईएसओ मानक के अनुरूप विकास भवन का कायाकल्प तो किया गया, लेकिन दिव्यांगजनों के लिए रैंप नहीं बनाए गए। इस कारण रोजाना विकास भवन के कार्यालयों में आने-जाने वाले दिव्यांगजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार सीढ़ियों पर चढ़ते समय दिव्यांग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।
विकास भवन के जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अनुसार जनपद में 14115 दिव्यांग पंजीकृत हैं, जो पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। विकास भवन में रोजाना पेंशन सहित अन्य योजनाओं के संबंध में दिव्यांगजनों का आना-जाना लगा रहता है। विकास भवन चार मंजिला है। पिछले दिनों से आईएसओ मानकों के अनुरूप से विकास भवन का कायाकल्प किया गया। इसके तहत रंगाई-पुताई के अलावा विकास भवन के समस्त कार्यालयों में विभिन्न कार्य कराकर चकाचक कर दिया गया। विगत दिनों सहारनपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को आईएसओ सर्टिफिकेट भी सौंपा था। विकास भवन में तमाम विकास कार्य हुए, लेकिन दिव्यांगजनों के लिए कार्यालयों में जाने के लिए रैंप नहीं बनाए गए। इस कारण दिव्यांगजनों को सीढ़ियों पर चढ़ने में दिक्कत उठानी पड़ती है। कई बार दिव्यांगजन गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं, जबकि शासन के निर्देश हैं कि समस्त सरकारी कार्यालयों में दिव्यांगों के लिए रैंप बनाए जाएं।
बोले दिव्यांगजन, उठानी पड़ती है दिक्कत
बुधवार को पेंशन संबंधी कार्य को लेकर देवबंद निवासी दिव्यांग मांगेराम विकास भवन पहुंचे। मांगेराम ने बताया कि विभिन्न कार्य और योजनाओं के लाभ के लिए उनका विकास भवन में आना-जाना रहता है। वह पेंशन संबंधी कार्य को लेकर विकास भवन आए, लेकिन रैंप नहीं होने की वजह से सीढ़ियों पर चढ़ने में कठिनाई उठानी पड़ती है। गांव खुजनवार निवासी दिव्यांग शाहबाज भी पेंशन संबंधी फार्म जमा कराने विकास भवन पहुंचे। उनका कहना है कि सरकारी कार्यालयों में रैंप नहीं होने की वजह से सीढ़ियां चढ़ने में बड़ी दिक्कत होती है। कई दिव्यांग तो इस वजह से कार्यालयों में नहीं आ पाते हैं। जिला विकलांग एसोसिएशन के माध्यम से अधिकारियों को पत्र देकर कई बार रैंप बनाए जाने की भी मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी मांग आज तक पूरी नहीं हुई।
दिव्यांगजनों की समस्या गंभीर है। रैंप बनाए जाने को लेकर प्रयास किया जाएगा। वह दिव्यांगजनों की परेशानी को अच्छी तरह समझते हैं।
- अभय श्रीवास्तव, उप निदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग।
विकास भवन में सीढ़ियों से उतरते दिव्यांगजन- फोटो : SAHARANPUR