सहारनपुर। अदालत ने दहेज प्रतिषेध अधिनियम के आरोपी संजय बब्बर को दोषमुक्त किया है। वादी रंजना ने थाना सदर बाजार थाने में तहरीर दी थी। बताया कि उसकी शादी संजय बब्बर के साथ हिंदू रीति-रिवाज के साथ हुई थी।
शादी में मायके पक्ष ने हैसियत के अनुसार दान-दहेज भी दिया। इसके बावजूद उसके ससुराल पक्ष वाले उसे और अधिक दहेज लाने के लिए परेशान करने लगे। आए दिन उसके साथ मारपीट होने लगी। आठ फरवरी 2002 को दहेज की मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट करते हुए घर से निकाल दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया। विवेचना के बाद मुकदमे को अदालत में दाखिल किया। मामले की सुनवाई सिविल जज एफटीसी के यहां चल रही थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने मामले को झूठा बताया। कहा कि उनका वर्ष 2014 में तलाकनामा हो गया है। साथ ही सुलहनामा भी हो चुका है। रंजना रानी ने अपने बयान में कहा कि घरवालों के कहने पर थाना सदर बाजार में तहरीर दी थी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावलियों पर आए साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद आरोपी संजय बब्बर को दोषमुक्त किया है।