घंटाघर पर नहीं लिया कब्जा
घंटाघर पर एक लाख रुपये वर्ग गज की कीमत की जमीन है। जिस पर अवैध कब्जा है। निगम अधिकारियों का कहना है कि जमीन नजूल की है। इसको प्रशासन कब्जा मुक्त कराएगा। उधर, रोडवेज बस अड्डे के पास भी इसी तरह लीज पर लिए गए भवन में फेरबदल किया गया है। इस पर भी निगम चुप है।
बाहरी कॉलोनियों में अधिक भूखंड
नगर निगम के गठन के दौहारा शहर से सटे 32 गांवों को शहर में शामिल किया गया था। ज्यादातर सरकारी भूमि इन 32 गांवों या कहें बाहरी कॉलोनियों में हैं। 143 में से 127 तालाब भी इन गांवों में ही हैं। सरकारी जमीनों पर भी 30 से 40 साल से लोगों का कब्जा चला आ रहा है।
नगर निगम अपनी संपत्तियों को लेकर गंभीरता के साथ काम कर रहा है। बीते छह माह में सख्ती के साथ करीब 300 बीघा के भूखंडों को चिन्हित कर कब्जा लिया गया है। अभियान जारी है। शेष भूखंड भी जिन पर कब्जा है जल्द खाली होंगे। - ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।