बड़गांव। बारह हजार करोड़ रुपये की लागत से बना दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को छह माह में ही झटके और हिचकोले लगने लगे हैं। 213 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर जिले में कई जगहों पर हालत खराब है। खासकर पुल व पुलिया के पास पैचवर्क के कारण वाहनों की निर्धारित गति बनाए रखना मुश्किल हो रहा है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। झटकों से अनियंत्रित हुए वाहनों की कई दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
गत अप्रैल माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण के बाद तेज रफ्तार और सुगम सफर के उद्देश्य से बनाए गए इस एक्सप्रेसवे पर इन दिनों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जड़ौदा पांड़ा, बड़गांव इंटरचेंज से लेकर जैनपुर टोल प्लाजा तक कई हिस्सों में सड़क की हालत ऐसी हो गई है कि वाहन चालक निर्धारित गति तो दूर, 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार भी लगातार बनाए रखने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि एक्सप्रेसवे पर कारों लिए अधिकतम गति सीमा 100 किमी प्रति घंटा और भारी वाहनों बस ट्रक आदि के लिए 80 किमी प्रति घंटा निर्धारित है, लेकिन मौजूदा स्थिति में पैचवर्क के कारण 70-80 किमी की रफ्तार भी जोखिम भरी साबित हो रही है। जगह-जगह हुए पैचवर्क के कारण चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ रहा है।
जड़ौदा पांड़ा, बड़गांव इंटरचेंज, बडूली रेस्ट एरिया के निकट से जैनपुर टोल तक करीब दर्जन भर से अधिक स्थानों पर एनएचएआई द्वारा मशीनें लगाकर पैचिंग का कार्य कराया जा रहा है। कहीं सड़क धंसने से नए सिरे से सड़क बनाई गई है तो कहीं तारकोल उखड़ने से नई लेयर बिछाई गई है। मरम्मत के बाद कई जगह सड़क की सतह एक समान नहीं रह गई है। कहीं पैच मूल सड़क से ऊंचा है तो कहीं नीचा हो गया है। तेज गति से गुजरने वाले वाहन इन हिस्सों पर पहुंचते ही झटके खाने लगते हैं और हिचकोले महसूस होते हैं। गति कम न की जाए तो वाहन डगमगाने लगता है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।
बरसात के मौसम में भारी वाहनों की आवाजाही के चलते एक्सप्रेस-वे कुछ जगह डंपिंग आ गई थी, जिसे मरम्मत कराकर पुनः दुरुस्त कराया जा रहा है।
सोनू सिंह, जेई एनएचएआई