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बरसात ने बिगाड़ दिया सब्जी का बजट

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दिल्ली रोड पर बिकती सब्जी - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। झूम के आए बादलों ने लोगों को बेशक गर्मी से राहत दे दी है, लेकिन रसोई में हरी सब्जी के बजट को बिगाड़ दिया है। बरसात के बाद सब्जियों की कीमत में अचानक उछाल आ गया है। सब्जियों की दोगुना तक कीमतें बढ़ गईं हैं। एक सप्ताह में जहां टमाटर 30 रुपये किलोग्राम से 60 रुपये किलोग्राम पर पहुंच गया है, वहीं धनिया 100 रुपये किलो से 325 रुपये किलोग्राम तक पहुंच गया है। सब्जियों की कीमतों को देख लोग हैरान हैं।
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लहसुन 80 रुपये से 180 रुपये किलो तक पहुंच गया है। घिया, तोरी, भिंडी, मिर्च, बैंगन आदि के दामों ने तेजी से रफ्तार पकड़ी है। बताया जा रहा है कि बारिश के चलते कई जगह तो वाहन ही फंस गए, जिस कारण टमाटर एवं हरी सब्जियां खराब हो गईं। जिससे कीमतें बढ़ती चली गईं। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि अभी सब्जियों की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है।
संभलकर खरीदनी पड़ रही हरी सब्जी
आवास विकास निवासी सुनीता कहती हैं कि सब्जियों के बढ़ी कीमतों ने बजट ही बिगाड़ दिया है। सब्जी से सस्ती तो अब दालें ही नजर आ रहीं हैं। टमाटर के रेट अचानक बढ़ गए हैं। एक किलो की बजाय अब आधा किलो ही ले जा रहे हैं।
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शिवाजी नगर निवासी संतोष कहती हैं कि बारिश में लोकल की सब्जियां सस्ती हो जानी चाहिए, लेकिन यहां तो रेट बढ़ रहे हैं। टमाटर ही नहीं, लौकी, तोरी की कीमतें भी बढ़ गईं हैं। सब्जी कम लेना मजबूरी हो गया है।
अभिषेक नगर निवासी रुक्मणी कहती हैं कि सब्जी लेने से पहले बजट देखना पड़ रहा है। पहले एक साथ तीन चार दिन की सब्जी खरीद लेते थे, अब थोड़ी-थोड़ी सब्जी खरीद रहे हैं। सब्जी लेना जरूरी है, इसे बंद भी नहीं किया जा सकता।
हकीकतनगर निवासी अलका का कहना है कि खाना तो बंद नहीं किया जा सकता, सब्जी तो लेनी ही पड़ेगी। बारिश में कम से कम हरी सब्जियां तो सस्ती मिलनी चाहिए। हरी मिर्च तक महंगी हो गई है।
बारिश में जल्दी खराब हो जाती हैं सब्जियां
दिल्ली रोड स्थित सब्जी मंडी में दुकान करने वाले संजू बताते हैं कि बरसात में सब्जियां अधिक समय तक नहीं रखी जा सकतीं। बारिश का पानी सब्जियों को खराब कर देता है। इन्हें संभालकर रखना पड़ता है। बेल वाली सब्जियां तो जल्दी खराब होती हैं। विक्रेता सुरेंद्र का कहना है कि बारिश में सब्जियां कम आ रही हैं। दूसरे राज्यों एवं दूर दराज के इलाकों से आने वाली सब्जियां नहीं आ पा रही हैं। टमाटर काफी कम आ रहा है, जिस कारण महंगा हो गया है। शिमला मिर्च सोलन और चंडीगढ़ से आती है, टमाटर, मटर, फ्रांसबीन समेत कई सब्जियां दूसरे राज्यों से आती हैं, जो इस समय नहीं आ पा रही हैं। जिस कारण सब्जी महंगी है।
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एक सप्ताह में आया कीमतों में उछाल सब्जी---------
सब्जी पहले (प्रति किलो)--------अब (प्रति किलो)
टमाटर--------30 रुपये------------------60 रुपये
भिंडी----------15 रुपये------------------30 रुपये
लौकी-----------20 रुपये----------------40 रुपये
तोरी------------20 रुपये----------------40 रुपये
अरबी-----------30 रुपये----------------60 रुपये
गोभी-----------50 रुपये----------------80 रुपये
शिमला मिर्च---40 रुपये----------------60 रुपये
खीरा-----------20 रुपये----------------40 रुपये
प्याज----------15 रुपये----------------30 रुपये
लहसुन---------80 रुपये---------------180 रुपये
हरी मिर्च-------40 रुपये----------------80 रुपये
धनिया---------100 रुपये -------------325 रुपये
(दिल्ली रोड स्थित सब्जी मंडी के भाव)
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