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स्कूलों की छुट्टियों से प्रभावित हुआ किशोरों का कोविड टीकाकरण

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सहारनपुर। स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश के कारण किशोरों का टीकाकरण प्रभावित हुआ है। आलम यह है कि ज्यादातर टीकाकरण केंद्रों पर सन्नाटे के हालात हैं। दिन भर में मुश्किल से दस से 15 किशोर ही टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। कुछ जगह दस से भी कम संख्या में किशोरों के पहुंचने की वजह से वैक्सीन की वॉयल नहीं खोली जा रही है, क्योंकि इससे शेष खुराक के चार घंटे बाद खराब होने का खतरा रहता है।
15 से 17 आयु वर्ग के किशोरों का टीकाकरण तीन जनवरी 2022 को शुरू हुआ था। टीकाकरण को गति देने के लिए सभी बोर्ड के स्कूलों में टीकाकरण शिविर आयोजित कर 15 से 17 आयु वर्ग के विद्यार्थियों को आच्छादित करने का काम किया गया। नतीजा यह रहा कि शुरुआत में टीकाकरण तेजी से हुआ, लेकिन एक समय के बाद टीकाकरण में ब्रेक सा लग गया। पांच माह में जनपद में 15 से 17 आयु वर्ग के 61 फीसदी ही किशोर दोनों खुराक ले सके हैं, जबकि पहली खुराक लेने वालों का प्रतिशत 85 है। 12 से 14 आयु वर्ग की स्थिति इससे खराब है। इनका टीकाकरण 16 मार्च 2022 को शुरू हुआ था। इस आयु वर्ग के किशोरों को कवर करने के लिए स्कूलों में शिविर लगवाए गए। पहली खुराक लेने के लिए बड़ी संख्या में किशोर उमड़े। दूसरी खुराक के समय तक भी टीकाकरण केंद्रों पर ठीक संख्या में किशोर पहुंच रहे थे, लेकिन स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की वजह से बच्चे छुट्टियां मनाने रिश्तेदारियों और अन्य जगहों पर चले गए हैं। स्कूलों में चल रहे शिविर भी अब हटा लिए गए हैं। जैसे आशा मॉडर्न स्कूल में चल रहा शिविर स्कूल से हटा लिया गया है। क्योंकि ज्यादातर किशोर छात्र हैं। ऐसे में स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश से टीकाकरण प्रभावित होना स्वाभाविक है।
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किशोरों के टीकाकरण की स्थिति
आयु वर्ग कुल संख्या पहली खुराक दूसरी खुराक
12 से 14 1,46,835 1,21,988 (83.1 फीसदी) 30,908 (21 फीसदी)
15 से 17 2,43,117 2,06,676 (85 फीसदी) 1,48,394 (61 फीसदी)
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इसमें कोई दोराय नहीं है कि स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश की वजह से किशोरों का टीकाकरण थोड़ा प्रभावित हुआ है, लेकिन जो अभिभावक टीकाकरण को लेकर गंभीर हैं वह अपने बच्चों को टीका लगवाने के लिए भेज रहे हैं। प्रयास यही है कि सभी किशोर एक निर्धारित समय में कवर हो जाएं।
डॉ. सुनील कुमार वर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
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