फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निगम की बोर्ड बैठक में हंगामा, अव्यवस्थाओं पर उठाए सवाल

विज्ञापन
जनमंच में नगर निगम बोर्ड की बैठक में हंगाम करते पार्षद - फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन
सहारनपुर। वित्तीय वर्ष 2021-22 के पुनरीक्षित आय-व्यय को लेकर हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने आय और व्यय पर सवाल उठाते हुए हंगामा किया। सवाल उठाने वालों में विपक्षी दलों के ही पार्षद नहीं, बल्कि भाजपा के पार्षद भी शामिल रहे, जिन्होंने व्यवस्था में सुधार की मांग की। करीब ढाई घंटे चली बैठक के अंत में महापौर संजीव वालिया ने पार्षदों द्वारा उठाए गए सवालों पर नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह से जवाब तलब किया।
विज्ञापन

सबसे पहले भाजपा पार्षद आशुतोष सहगल एक दिन में तीन बैठक बुलाने पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि तीन बैठक कराने का विचार किसका था, क्योंकि नियमानुसार एक दिन में तीन बैठक नहीं हो सकती हैं, साथ ही उन्होंने एक मोबाइल नेटवर्क कंपनी द्वारा मनमाने तरीके से शहर भर में सड़कों के किनारे गाड़े गए खंभों पर सवाल उठाया। पार्षद मंसूर बदर ने कहा कि साल में छह बैठक होनी चाहिए, लेकिन यह बैठक एक साल चार महीने बाद बुलाई गई है। सदन प्रभारी दिनेश यादव ने जवाब किया कि यह महापौर का विशेषाधिकार होता है कि वह एक दिन में कितनी भी बैठक बुला सकता है। बजट पर चर्चा का नंबर आया तो पार्षद शहजाद ने नगर निगम के अवर अभियंताओं पर हर काम में दस प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप लगाया। मंसूर बदर और आशुतोष सहगल ने बैठक की प्रोसीडिंग पर सवाल उठाया। चंद्रजीत सिंह निक्कू ने कर संग्रहकर्ताओं पर वसूली में गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। मंसूर ने ठेकेदारों द्वारा ठेके की 30 से 40 फीसदी रकम जमा कराकर भाग जाने का मामला उठाते हुए ठोस नीति बनाने की मांग की। नगर विधायक राजीव गुंबर ने ऐसे ठेकेदारों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने को कहा। पार्षद मुकेश गक्कड़ ने जुबली पार्क में पार्किंग खत्म करने का मामला उठाया। अनिल कुमार ने नगर निगम क्षेत्र से बाहर पाइपलाइन डाल दिए जाने का मामला उठाया। उन्होंने नगर निगम परिसर में बाबा साहब डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगवाने की मांग की। अभिषेक अरोड़ा ने पांवधोई नदी के सफाई व्यवस्था, चंद्रजीत सिंह निक्कू ने नगर निगम में किराए पर चलने वाले वाहनों में केवल कामर्शियल वाहन ही रखने की मांग रखी। प्रदीप उपाध्याय ने गृह कर के लिए महानगर में सर्व कर रही कंपनी के कर्मचारियों पर लोगों से वसूली का आरोप लगाया। शाहिद, यशपाल पुंडीर, पुनीत चौहान, पिंकी गुप्ता, मेहराज, संजय गर्ग, भूरा सिंह प्रजापति ने भी अपनी बात रखी।
जलकल विभाग में 11 ठेकेदारों की चल रही मनमानी
पार्षद आशुतोष सहगल ने पाइपलाइन की मरम्मत के लिए बिना टेंडर या बिना बोर्ड की अनुमति के दो करोड़ का टेंडर करने पर सवाल उठाए। मंसूर बदर ने कहा कि 11 ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए जल कल विभाग तीन साल तक एक ही टेंडर पर काम करता रहा, जिसमें प्रत्येक वर्ष खास लोगों को दस से 13 करोड़ रुपये का भुगतान होता रहा। जवाब में महाप्रबंधक मनोज कुमार आर्य ने स्वीकार किया कि जल कल में 11 ठेकेदारों का एकाधिकार है। कई जगह वह पहले ही पाइपलाइन डाल दे रहे हैं। उनकी इस बात पर पार्षद अभिषेक अरोड़ा ने 11 ठेकेदारों के नाम सार्वजनिक करने की मांग रखी। महापौर ने भी महाप्रबंधक से पूछा कि जिस तरह की बात आप कह रहे हैं तो क्या यह मान लिया जाए कि नगर आयुक्त नकारा हैं?
विज्ञापन

महापौर ने नगरायुक्त से जवाब तलब किया
सभी पार्षदों के सवालों और आपत्तियों को सुनने के बाद महापौर संजीञव वालिया ने नगरायुक्त को कईं बिंदुओं पर जवाब तलब किया। उन्होंने कहा कि बजट पर पार्षदों द्वारा की जाने वाली आपत्तियों का जवाब क्यों नहीं दिया जाता? कर वसूली में स्थिति खराब होने की टिप्पणी करते हुए कहा कि एक जैसे भवनों पर अलग अलग कर क्यों? वार्षिक ठेकों में उठ रहे सवालों पर भी जवाब मांगा। मोबाइल नेटवर्क कंपनी पर कार्रवाई नहीं करने की वजह पूछी। सीवर सफाई में लगी कंपनी से वाहनों का किराया नहीं वसूलने पर नाराजगी व्यक्त की।

जनमंच में नगर निगम बोर्ड की बैठक को संबोधित करते नगर विधायक राजीव गुंबर- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें