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- फोटो : अमर उजाला
एयरफोर्स स्टेशन के रनवे से उड़ान भरेंगे सिविल एयरपोर्ट के वायुयान
सिविल एयरपोर्ट बनाने के पीछे सबसे बड़ी वजह थी पास में एयरफोर्स स्टेशन का होना। एयरपोर्ट का अपना रनवे नहीं होगा। यात्री एयरपोर्ट में प्रवेश कर अपने प्रपत्रों की जांच कराकर बोर्डिंग पास लेंगे। इसके पश्चात यात्रियों को बस में बैठाकर वायुयान तक ले जाया जाएगा। वायुयान दो सुरक्षा द्वारों को पार कर एयरफोर्स क्षेत्र में प्रवेश कर रनवे से उड़ान भरेगा।
बता दें, कि सिविल एयरपोर्ट के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को प्रदेश सरकार द्वारा 65 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। संपूर्ण भूमि की सुरक्षा की दृष्टि से 8 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल कराकर तारबाड़ भी कराई गई है। परिसर में अलग-अलग निर्माण किए गए हैं। जिसमें एक समय में दो वायुयान खड़े होने के लिए 163 मीटर लंबा तथा 73 मीटर चौड़ा एप्रन यानि प्लेटफार्म बनाया गया है।
एप्रन से हवाई पट्टी तक जाने के लिए 23 मीटर चौड़ा तथा 445 मीटर लंबा टैक्सी ट्रैक भी निर्मित किया गया है। यात्रियों के विश्राम के लिए लाउंज, आने तथा जाने के लिए दो सुरक्षा द्वार, लगेज चेक करने के लिए सेंसर युक्त एक्स-रे मशीन, बोर्डिंग पास काउंटर और एक समय में 200 यात्रियों के बैठने के लिए लाउंज बनाया गया है।
इन सारी व्यवस्थाओं को 2 हजार स्क्वायर मीटर के एक विशाल भवन के अंदर तैयार किया गया है। इसके अलावा वायुयानों से संपर्क साधने के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम भी एयरफोर्स स्टेशन का इस्तेमाल होगा।
एयरपोर्ट के पास दो हजार एकड़ में बनेगी टाउनशिप
सिविल एयरपोर्ट की वजह से सरसावा क्षेत्र को विकास के पंख लगने वाले हैं। आवास विकास परिषद ने एयरपोर्ट के पास दो हजार एकड़ यानी करीब 3200 बीघा भूमि में टाउनशिप बनाने का निर्णय लिया है। प्रस्ताव बहुत जल्द तैयार कर शासन को भेजने की तैयारी है।
टाउनशिप के लिए आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने जमीन की तलाश शुरू कर दी है। परिषद जमीन खरीदने की बजाय लैंड पूलिंग के जरिए किसानों से लेगी। जमीन आबादी के आसपास की होगी, जिसमें किसानों से लिखित में सहमति ली जाएगी। जमीन हाथ में आने के बाद आवास विकास परिषद टाउनशिप का खाका तैयार कर उसे जमीन पर उतारेगा।
कुल भूमि के 50 फीसदी हिस्से पर सड़क, पार्क, ग्रीन बेल्ट आदि वह सभी सुविधाएं दी जाएंगी, जो एक मॉडल टाउनशिप में होनी चाहिए। शेष 50 फीसदी हिस्से को बिक्री के लिए रखा जाएगा। इसमें 25 फीसदी हिस्सा उन किसानों का होगा, जिनसे जमीन ली जाएगी और 25 फीसदी हिस्सा आवास विकास परिषद का होगा। यानी दोनों 25-25 फीसदी को बेचने के हकदार होंगे।
टाउनशिप पर 100 करोड़ रुपये आएगा खर्च
टाउनशिप पर आवास विकास परिषद करीब 100 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस पैसे से सड़कें, पार्क, सामुदायिक केंद्र, बाजार, ग्रीन बेल्ट, डिस्पेंसरी, विद्युत लाइन, सीवर, पेयजल आदि सुविधाएं दी जाएंगी। प्रस्ताव भेजने के साथ बजट की मांग भी की जाएगी।
अभी तक दस कॉलोनियां हो चुकीं प्रस्तावित
आवास विकास परिषद सहारनपुर में अभी तक दस कॉलोनियों के प्रस्ताव पास करा चुका है। इनमें तीन कॉलोनियां रनिंग में हैं। इनमें आवास विकास और पुराना आवास विकास पठानपुरा योजना के नाम से है, जबकि दिल्ली रोड पर शाकंभरी विहार नाम से योजना चल रही है। बाकी सात प्रस्तावित कॉलोनियां आवास एवं गृहस्थान योजना-1, 2, 3 के नाम से चलेंगी, जिन पर काम चल रहा है।
एयरपोर्ट क्षेत्र में दो हजार एकड़ में टाउनशिप बनाने की योजना है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। किसानों से लैंड पूलिंग कर जमीन ली जाएगी। जिसको विकसित करने में करीब 100 करोड़ रुपया खर्च आएगा। - सूरजपाल, अधिशासी अभियंता, आवास विकास परिषद