दरअसल, मंडल में 473 मकतबों को लेकर कुछ दिन पहले मुख्यालय की तरफ से जांच के आदेश दिए गए थे। इसकी जिम्मेदारी एटीएस देवबंद की टीम को दी गई है। शामली में 190, मुजफ्फरनगर में 165 और सहारनपुर में 118 मकतब जांच के दायरे में आए हैं। जांच के लिए जिला अल्पसंख्यक अधिकारियों से भी रिकॉर्ड मांगा गया है।
बताया जा रहा है कि जिन मकतबों को लेकर शासन की तरफ से जांच की सूची भेजी गई है, उन्हें लेकर कुछ शिकायतें मिली थीं। कुछ मकतब ऐसे भी बताए जा रहे हैं जो बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। ऐसे मकतबों पर शिकंजा कसा जाएगा। इसके अलावा इनकी संपत्ति, छात्रों की संख्या और कहां से फंडिंग हो रही है, इसकी भी जांच शुरू की गई है।
टीम को उपलब्ध कराई जानकारी
मंगलवार शाम और बुधवार को एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड (एटीएस) के सदस्य नगर व देहात के मदरसों और छोटे मकतबों पर पहुंचे। मकतबों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या, मदरसे के संचालक का नाम और मकतब चलाने के लिए आय के साधन के बारे में जानकारी ली। एक मदरसा संचालक ने बताया कि मंगलवार शाम करीब चार बजे वह बाहर गए हुए थे। उनके पीछे दो युवक मदरसे में आए थे। उन्होंने पूछताछ की, टीम को सारी जानकारी उपलब्ध कराई गई।
यह होते हैं मकतब
मकतब छोटे मदरसों की तरह होते हैं। यहां छोटे बच्चों को दीनी तालीम दी जाती है। बड़ी संख्या में गांव के छोटे-छोटे भवनों में भी मकतब चल रहे हैं, जिन्हें लेकर जांच के आदेश दिए गए थे।