इसके बाद उन्होंने एसपी यातायात प्रेमचंद को मौके पर बुलवाया और सेंटर में प्रशिक्षित पुलिसकर्मी तैनात करने के निर्देश दिए। जिससे कि आईसीसीसी को स्थापित करने का उद्देश्य पूरा हो सके। उन्होंने सड़कों और चौराहों व तिराहों पर यातायात के नियम तोड़ने वालों को सेंटर में बैठकर ही चिह्नित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसपी यातायात ने शीघ्र प्रशिक्षित कर तैनात करने के लिए मंडलायुक्त को आश्वस्त किया।
इसके बाद मंडलायुक्त ने एनईसी के प्रोजेक्ट हेड विजय विशाल, प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक जोशी के साथ बैठक कर एनईसी द्वारा यातायात व्यवस्था के लिए किए गए कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। सहारनपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ/नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह, नोडल अधिकारी कैलाश सिंह, अधिशासी अभियंता यातायात अमरेंद्र सिंह, सीएस शंकर तायल, आईआईटी. रुड़की के प्रोजेक्ट असिस्टेंट योगेश, दानिश और आईटी अधिकारी मोहित तलवार आदि मौजूद रहे।
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अन्य कार्यों की भी गति धीमी
आईसीसीसी से शहर का यातायात संचालित और नियंत्रित होना है। यातायात को सुदृढ़ बनाने के लिए शहर के चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं। बीते करीब एक साल से यह कार्य चल रहा है, जो अभी तक पूर्ण नहीं हो सका है। इसके अलावा शहर में यातायात और सुरक्षा के लिए 896 सीसीवी लगाए जाने हैं, जो प्रमुख मार्गों, तिराहों और चौराहों पर लगेंगे, लेकिन एक साल से अधिक समय में अभी तक मात्र 55 ही सीसीटीवी लगाए जा सके हैं।