Saharanpur News: सहारनपुर के गोकुल धाम कॉलोनी निवासी विश्वेश कपूर अपने परिवार के साथ छोटे भाई के घर देहरादून जा रहे थे। देहरादून में कंटेनर उनकी कार के ऊपर पलट गया। विश्वेश, उनकी मां, पत्नी और चालक की मौत हो गई। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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देहरादून में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में सहारनपुर के चार लोगों की जान चली गई। यह हादसा तब हुआ, जब एक तेज रफ्तार कंटेनर कार के ऊपर पलट गया, जिससे कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में विश्वेश कपूर, उनकी मां किरण कपूर, पत्नी निशा कपूर और चालक नीरज शामिल हैं। छह साल के मासूम बेटे माहेर की जान बच गई।
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जानकारी के अनुसार, कार सवार सभी लोग सहारनपुर से देहरादून की ओर आ रहे थे। यह परिवार सहारनपुर के कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र में गोकुल धाम कॉलोनी निवासी विश्वेश कपूर का था, जो अपनी पत्नी, मां और बेटे के साथ छोटे भाई दीपेश कपूर के घर देहरादून जा रहे थे। परिजनों के मुताबिक, विश्वेश के छोटे भाई की पत्नी गर्भवती हैं और इसी के चलते परिवार देहरादून जा रहा था। कार बुधवार शाम करीब चार बजे घर से निकली थी।
इस भीषण हादसे में विश्वेश कपूर (38), उनकी पत्नी निशा कपूर (38), किरण कपूर (63) और कार चालक नीरज की मौत हो गई। हादसे के दौरान कार में सवार छह वर्षीय माहेर कपूर को बचा लिया गया है। मगर वह घायल है, उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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सहारनपुर में विश्वेश के घर के बाहर एकत्र लोग।
- फोटो : अमर उजाला
गर्भवती बहू का हाल जानने के लिए देहरादून जा रहा था परिवार
कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र की गोकुल एनक्लेव निवासी किरण का परिवार देहरादून में रह रहे छोटे बेटे की गर्भवती बहू का हाल जानने के लिए निकला था। देहरादून में प्रवेश करते ही उनकी कार पर कंटेनर पलट गया। इसमें किरण के साथ ही बेटे विश्वेश कपूर, बहू निशा और कार चालक नीरज की मौत हो गई, जबकि पौत्र गंभीर रूप से घायल हो गया। तीन दिन पहले ही विश्वेश ने दिवाली के लिए घर को लड़ियों से सजाया था और आतिशबाजी भी की थी।
सकुशल निकाला गया बच्चा।
- फोटो : अमर उजाला
कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र के जीपीओ रोड स्थित गोकुल एनक्लेव कॉलोनी निवासी विश्वेश कपूर सेल टैक्स के अधिवक्ता थे। कोर्ट रोड पर उनका कार्यालय है। उनका छह वर्षीय बेटा माहेर है। विश्वेश दो भाइयों में बड़े थे। उनका छोटा भाई दीपेश कपूर देहरादून में रहता है और बिल्डर है। विश्वेश कपूर का परिवार वर्ष 2004 में मिशन कंपाउंड में रहता था। वहां से करीब चार साल पहले ही गोकुल एनक्लेव में नए घर में शिफ्ट हुआ था।
कार को कटर से काटा गया।
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को विश्वेश अपनी मां, पत्नी और बेटे के साथ शाम करीब चार बजे घर से निकले थे। कार चलाने के लिए चालक किराए पर किया था। बताया जा रहा है कि परिवार अपने छोटे बेटे दीपेश कपूर की गर्भवती पत्नी को देखने के लिए जा रहा था। परिवार में आने वाली नई खुशियों को लेकर उम्मीदें थीं, लेकिन इससे पहले ही मौत ने ऐसा झपट्टा मारा कि विश्वेश, उनकी पत्नी निशा, मां किरण और उनका चालक नीरज हमेशा के लिए मौत की नींद सो गए। पता लगते ही घर पर लोगों की भीड़ लग गई।
गम में बदल गईं दिवाली की खुशियां
दिवाली का त्योहार नजदीक है। घरों में रोशनी और खुशियों की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन कपूर परिवार के लिए दिवाली की खुशियां गम में बदल गईं। पड़ोसी प्रदीप ने बताया कि तीन दिन पहले ही विश्वेश ने दिवाली के लिए लड़ियां लाकर पूरे घर को सजाया था। इसके साथ ही आतिशबाजी भी की थी। परिवार में विश्वेश, उनकी पत्नी, मां और बेटा है। एक बड़ी बहन है, जिनकी शादी हो चुकी है। दिल्ली में रहती है।
मिलनसार थे विश्वेश और उनका परिवार
चार लोगों की मौत से पड़ोसी स्तब्ध हैं। पड़ोसी प्रदीप ने बताया कि विश्वेश का बेहद मिलनसार स्वभाव का था। वह सभी से हंसकर मिलते थे। पड़ोस में रहने वाले लोगों के साथ उनका अच्छा व्यवहार था। किसी से भी मिलने पर वह आत्मीयता से बातचीत करते थे। उनकी असमय मौत की खबर ने पड़ोसियों को भी झकझोर कर रख दिया है। लोगों का कहना था कि उनके मिलनसार व्यवहार को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।