फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विवि, मेडिकल कालेज, एयरपोर्ट तो मिला, वुड कार्विंग रह गया अछूता

विज्ञापन
विज्ञापन
विवि और सिविल टर्मिनल तो मिला, वुड कार्विंग रह गया अछूता
विज्ञापन

सहारनपुर। आज योगी सरकार के तीन साल पूरे हो रहे हैं। इस तीन सालों में राज्य विवि मिलने से शिक्षा के क्षेत्र में बड़े परिवर्तन की सकारात्मक आहट महसूस की जा रही है। सरसावा एयरपोर्ट को दूसरे एयरपोर्ट से लिंक करने की महत्वाकांक्षी योजना को भी बल मिला है। चारधाम यात्रा को कनेक्ट करने को लेकर भी योगी सरकार की सकारात्मक सोच है। लेकिन अब भी कुछ जरूरतें ऐसी हैं, जिन पर योगी सरकार को गौर करना होगा। पौराणिक स्थल शाकुंभरी पीठ को लेकर सरकार ने बातें तो काफी कहीं, लेकिन इसे धार्मिक पर्यटन के मकसद से नहीं जोड़ा। वहीं, वुड कार्विंग उद्योग को बढ़ावा देने पर भी कोई काम नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केंद्र की योजनाओं का उत्तरप्रदेश में क्रियान्वयन करा रहे हैं। कन्या सुमंगला योजना, गन्ना किसानों का भुगतान, अपराधियों को ढेर करना या जेल भेजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री आरोग्य मेला के तहत लाखों लोगों का कार्ड बनाने आदि को सरकार अपनी उपलब्धि बता रही है। योगी सरकार ने सहारनपुर को जो सबसे बड़ा तोहफा दिया है, वह राज्य विवि का। मंडल के जिलों के अलावा आसपास के जनपदों के भी छात्र उच्च शिक्षा का लाभ उठा सकेंगे। राजकीय मेडिकल कॉलेज में सीट बढ़ाने की मंजूरी सहित मेडिकल कॉलेज में सुविधा बढ़ाने की दिशा में सरकार सकारात्मक है। सरसावा एयरपोर्ट से आमजन के लिए उड़ान योजना को गति दी गई। जून महीने तक उम्मीद की जा रही है कि उड़ान शुरू हो जाएगी। इससे सहारनपुर, हरियाणा के यमुनानगर सहित जनपद से लगते अन्य शहरों को लाभ मिलेगा। अभी हालिया शामली दौरे के दौरान योगी ने सरसावा से चारधाम यात्रा की कनेक्टिविटी को लेकर उम्मीद जताई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन पर भी ध्यान दें सरकार
सहारनपुर के विश्व प्रसिद्ध वुडकार्विंग उद्योग को बढ़ावा देने पर योगी सरकार ने कोई काम नहीं दिया है। जबकि सालाना डेढ़ हजार करोड़ का कारोबार अनेक देशों में होता है। इसके अलावा सिद्धपीठ और शिवालिक की पहाड़ियों के बीच बसे पौराणिक सिद्धपीठ शाकुंभरी की सुध नहीं ली है। सीएम ने शाकुंभरी पीठ को लेकर बातें कहीं, लेकिन ठोस प्लानिंग धरातल पर नहीं उतार सके हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें