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Saharanpur News: बारिश में धंसा निर्माणाधीन दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे

Mon, 23 Jun 2025 11:55 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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बड़गांव क्षेत्र में बारिश से क्षतिग्रस्त हुआ दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का किनारा। संवाद
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बड़गांव। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण अंतिम चरण में चल रहा है। जुलाई में इसके वाहनों के लिए खुलने की उम्मीद है, लेकिन रविवार को हुई तेज बरसात के बाद एक्सप्रेसवे का गांव भगवानपुर अंडरपास के समीप कुछ हिस्सा धंस गया। एनएचएआई ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अंडरपास के ऊपर वाहनों का आवागमन बंद करा दिया और मिट्टी डालकर कार्य शुरू कराया गया।
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210 किमी लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण चार खंडों में कराया जा रहा है। दूसरे खंड के बागपत से लाखनौर तक निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे पर गांव भगवानपुर में अंडरपास बनाया गया है। रविवार को तेज बरसात के कारण अंडरपास के समीप मिट्टी का काफी कटाव होने के कारण एक्सप्रेसवे का कुछ हिस्सा धंस गया।
एक्सप्रेसवे का हिस्सा धंसने की सूचना पर एनएचएआई के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। साइट इंजीनियर सोनू सिंह ने निर्माण कंपनी के जिम्मेदारों के साथ मौके का निरीक्षण किया, जिस वजह से मिट्टी कटाव हुआ है उस कमी को दूर करते हुए मिट्टी भराव कर जल्द से जल्द मरम्मत करने के निर्देश अधीनस्थ को दिए। मिट्टी कटाव के बाद अंडरपास के ऊपर से निर्माण कार्य में लगे वाहनों के संचालन को भी फिलहाल बंद कर दिया गया है।
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गांव भगवानपुर अंडरपास के पास ही नहीं मिट्टी कटाव के कारण अन्य कई जगह से भी एक्सप्रेसवे की हालत पहली बारिश के बाद खराब हुई है। निर्माण कंपनी ने इन सभी जगहों पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। तेजी के साथ मिट्टी भराव कार्य किया जा रहा है। वहीं, निर्माण कंपनी के अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

13000 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण
एक्सप्रेसवे का 13000 करोड़ की लागत से चार खंडों में निर्माण कार्य चल रहा है। इनमें पहला खंड दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से बागपत के ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसव वे तक 32 किमी, दूसरा खंड ईपीई से सहारनपुर बाईपास लाखनौर तक 118 किमी, तीसरा खंड लाखनौर से गणेशपुर तक 41 किमी लंबा और चौथा खंड गणेशपुर से देहरादून के आशारोड़ी तक 19 किमी लंबा है। अंतिम चरण में 12 किमी लंबी एलिवेटेड रोड है जो एशिया का सबसे लंबा वन्य जीव गलियारा भी है। पहले और चौथे खंड का काम पूरा हो चुका है। चौथे खंड में डाट काली मंदिर तक जाने के लिए वायाडक्ट बन रहा है। दूसरे और तीसरे खंड में भी 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
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