राजस्थान के अलवर में दो वर्ष पूर्व पहलू खान की हत्या किए जाने के मामले में पुलिस द्वारा पहलू खान और उसके दो बेटों के खिलाफ चार्जशीट लगाने पर देवबंदी उलमा ने नाराजगी का इजहार किया है। उलमा का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबका विकास सबका साथ और सबका विश्वास का नारा क्या इसी तरह सफल होगा। इसी के साथ उन्होंने राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा।
शनिवार को मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि पुलिस को ऐसा नहीं करना चाहिए था। ऐसे मुसलमानों का कब तक कत्ल होता रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हम कैसे विश्वास करें । उन्होंने कहा कि पहलू खान के मामले में तमाम हिंदुस्तान की अवाम और सेक्युलर सोच रखने वाले लोग इंतजार कर रहे थे कि उनको इंसाफ मिलेगा, लेकिन पुलिस द्वारा पहलू खान और उसके दो बेटों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया जाना पुलिस की ज्यादती और नाइंसाफी है।
इससे पुलिस की नीयत का मालूम होता है कि उसकी सोच वर्ग विशेष के लोगों को लेकर कितनी गंदी है। मुफ्ती असद ने यह भी कहा कि हमें उम्मीद थी कि वहां कांग्रेस पार्टी की सरकार आई है जो अच्छा काम करेगी और बेगुनाहों को इंसाफ मिलेगा, लेकिन कांग्रेस उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। उन्होंने राजस्थान सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पहलू खान के परिवार को इंसाफ दिलाए जाने की मांग की है।