ड्रग विभाग की अनदेखी के चलते जिले में दवाओं का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। देवबंद में दिल्ली नारकोटिक्स की टीम ने जिस दवा फैक्टरी को पकड़ा है, वह करीब दो महीने से चल रही थी, लेकिन ड्रग विभाग को भनक तक नहीं लगी। विभाग की कार्रवाई केवल मेडिकल स्टोरों तक ही सीमित रह गई है।
दरअसल, जिले में प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की बिक्री नहीं रुक रही है। कई बार पंजाब पुलिस यहां आकर कार्रवाई कर चुकी है। कुछ मेडिकल स्टोर संचालकों को भी उठाया गया। जिनके यहां से नशीली दवाओं की सप्लाई होती मिली। इसके अलावा नई दिल्ली से नारकोटिक्स की टीम भी आकर नशीली व नकली दवा पकड़ चुकी है। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस भी प्रतिबंधित व नशीली दवाओं का भंडाफोड़ कर चुकी है, लेकिन ड्रग विभाग मेडिकल स्टोरों पर दवाओं के नमूने लेकर लक्ष्य की पूर्ति कर रहा है।
मंगलवार को नई दिल्ली नारकोटिक्स की टीम ने देवबंद क्षेत्र के गांव मंझौल जबरदस्तपुर में छापा मारकर एक अवैध दवा फैक्टरी को पकड़ा है। जांच में पता चला कि फैक्टरी पिछले करीब दो महीने से चल रही थी। यहां से टीम ने बड़ी मात्रा में ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए। लेकिन ड्रग विभाग को फैक्टरी का पता नहीं चल पाया। विभाग के अधिकारी देवबंद में मेडिकल स्टोर पर छापेमारी करने गए, मगर फैक्टरी चलने की भनक नहीं लगी।
क्या है ट्रामाडोल कैप्सूल
ट्रामाडोल कैप्सूल दर्द निवारक है, जो पथरी और पेट दर्द के लिए लिया जाता है। इसका सेवन करने के बाद नींद आने लगती है। अगर कोई व्यक्ति रोजाना इसका इस्तेमाल करने लगे तो उसे इसकी आदत पड़ जाती है। यह कैप्सूल चिकित्सक के परामर्श और पर्चे पर ही मिलता है।