सहारनपुर। बरसात के मौसम में 40 प्रतिशत तक टायफाइड और डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। दूषित पानी की वजह से मरीजों में इजाफा हो रहा है। ऐसे में बीमारी से बचने के लिए उचित खानपान के साथ ही कई सावधानियां बरतने की आवश्यकता है।
जिला अस्पताल की ओपीडी और निजी चिकित्सकों के यहां इन दिनों टायफाइड और डायरिया के मरीज पहुंच रहे हैं। ज्यादा मरीज टायफाइड के हैं और इसके बाद डायरिया से लोग ग्रसित हैं। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा, वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी, डॉ. पीडी गर्ग का कहना है कि बरसात के दिनों में पानी दूषित हो रहा है। इस वजह से टायफाइड और डायरिया के मरीज बढ़ रहे हैं। इससे बचाव को कई सावधानियां बरतने की जरूरत है।
ऐसे करें बचाव
- दिन में कई बार साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं और दो बार नहाएं।
- नल व टंकी के पानी को दिन में दो से तीन बार उबालकर पीएं।
- शरीर पर हुए जख्म पर दूषित पानी न लगने दें।
- घरों और आसपास पानी का जमाव न होने दें। कूलर के पानी को भी नियमित बदलते रहें।
- जहां पर पानी जमा होने की संभावना है, वहां पर मिट्टी का तेल डाल दें।
- बरसात में भीगने से बचें। रोजाना कपड़े बदलें और कपड़ों को अच्छी तरह धोएं।
दूषित पानी से होती हैं यह बीमारियां
चिकित्सकों के मुताबिक दूषित पानी से हैजा, टायफाइड, पीलिया, आंतों की टीबी, डायरिया, एमीबियेसिस, एलर्जी, कान, नाक और मुंह में संक्रमण होता है। वहीं, बरसात में पानी का जमाव होता है, जिससे मच्छरों की भरमार होती है। इससे मलेरिया व डेंगू होने का खतरा बना रहता है।
जिला अस्पताल में उपचार के लिये लाइन में लगे लोग- फोटो : SAHARANPUR
जिला अस्पताल में उपचार के लिये लाइन में लगे लोग- फोटो : SAHARANPUR