नकुड़ (सहारनपुर)। जम्मू में माता वैष्णो देवी भवन में शनिवार तड़के मची भगदड़ में नकुड़ क्षेत्र के गांव साल्हापुर निवासी दो युवकों की मौत हो गई। गांव में जैसे ही यह खबर पहुंची तो परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन रोते बिखलते कटरा के लिए रवाना हो गए। सांत्वना देने के लिए मृतकों के घर ग्रामीणों का तांता लग गया। दो युवकों की मौत से गांव में मातम पसर गया है।
नकुड़ कोतवाली क्षेत्र गांव साल्हापुर के विनीत (30) पुत्र बिरम और धर्मवीर कोरी (35) पुत्र सोरण बृहस्पतिवार को कार से अपने साथी नकुड़ निवासी प्रदीप एवं अंबाला निवासी दो दोस्तों के साथ माता वैष्णो देवी के दर्शन को गए थे। शनिवार तड़के माता के भवन पर मची भगदड़ में विनीत और धर्मवीर की मौत हो गई। धर्मवीर के बड़े भाई रोहताश कोरी ने बताया कि उन्हें वैष्णो देवी माता भवन पर ड्यूटी पर तैनात गांव के ही अनुज ने सुबह चार बजे फोन कर हादसे की जानकारी दी। उसने बताया कि विनीत, धर्मवीर व उनके साथियों को गेट नंबर तीन से दर्शन करने थे। इसी दौरान वहां श्रद्धालुओं में विवाद होने पर पुलिस ने लाठियां फटकारनी शुरू कर दी। जिससे वहां भगदड़ मच गई। अचानक मची भगदड़ में विनीत और धर्मवीर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके दो साथी नकुड़ निवासी प्रदीप और अंबाला निवासी एक दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में मौत की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन तत्काल कटरा के लिए रवाना हो गए। गांव में शोक की लहर दौड़ गई। दोनों मृतकों के घर परिजनों को सांत्वना देने के लिए ग्रामीणों का तांता लग गया। धर्मवीर नकुड़ में बाइक मैकेनिक की दुकान करता था, जबकि विनीत हिमाचल के धर्मशाला स्थित एक कंपनी में बतौर इंजीनियर तैनात था जो कोरोना काल से घर पर ही रहकर कार्य कर रहा था। नकुड़ पुलिस ने भी हादसे के बाद गांव पहुंच जानकारी ली।
15 साल से धार्मिक यात्रा कर रहा था धर्मवीर
-तीन जनवरी को घर लौट कर आना था
नकुड़। ग्रामीणों ने बताया कि धर्मवीर धार्मिक प्रवृति का व्यक्ति था। वह पिछले पंद्रह वर्ष से लगातार धार्मिक यात्राएं कर रहा था। परिजनों से आखिरी बार उसकी बात बृहस्पतिवार की शाम हुई थी जब वह चंडीगढ़ में था। धर्मवीर के भाई रोहताश ने बताया कि माता वैष्णो देवी के दर्शन के बाद उन सभी को हिमाचल में घूम कर तीन जनवरी को घर लौटना था।
दूसरे बेटे की मौत के से टूटी बिरमपाल के बुढ़ापे की लाठी
नकुड़। मृतक विनीत के घर केवल उसके पिता हैं। विनीत के बड़े भाई विपिन कुमार की भी चार साल पहले सड़क हादसे में मृत्यु हो गई थी। विनीत के पड़ोसियों ने बताया कि विनीत का पहली पत्नी से तलाक हो गया था जिससे उसे एक तीन साल का बेटा है। बेटा उसकी पत्नी के साथ चला गया था। फिलहाल काफी समय से उसकी दूसरी पत्नी भी अपने मायके गई हुई थी। इससे अभी तक कोई संतान नहीं है। विनीत अपने पिता बिरमपाल के साथ घर पर अकेला रह रहा था। विनीत की मौत के बाद बिरमपाल की बुढ़ापे की लाठी टूट गई है। हादसे की खबर के बाद वे बेसुध से हो गए।
बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
नकुड़। धर्मवीर अपने पीछे माता- पिता के साथ ही पत्नी सविता और नौ साल के बेटे आयुष, सात साल के बेटे आरव को रोता बिलखता छोड़ गया है। पत्नी सविता का रो-रो कर बुरा हाल था। धर्मवीर की मौत के बाद उसके परिजनों के साथ भरण पोषण का भी संकट खड़ा हो गया।
विनीत का फाइल फोटो- फोटो : SAHARANPUR
धर्मवीर का फाइल फोटो- फोटो : SAHARANPUR
विनीत सहगल का बंद पड़ा मकान और ग्रामीणों की भीड़- फोटो : SAHARANPUR
धर्मवीर के मकान के बाहर लगी लोगों की भीड़- फोटो : SAHARANPUR
धर्मवीर के बच्चें- फोटो : SAHARANPUR