सहारनपुर। जिला अस्पताल के पास रखे विद्युत ट्रांसफार्मर में मंगलवार सुबह करीब 10 बजे आग लगने से अफरातफरी मच गई। ट्रांसफार्मर के पास खोदाई और निर्माण कार्य में लगे दो श्रमिकों सहित तीन लोग ट्रांसफार्मर से निकला गर्म तेल गिरने से झुलस गए। हादसे में एक स्कूटी, एक बाइक और ट्रैक्टर भी आग की चपेट में आकर जल गए। झुलसे लोगों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई।
देहरादून चौक की ओर जाने वाले रास्ते पर जिला अस्पताल के पास नाले आदि की खोदाई और निर्माण का काम चल रहा है। मंगलवार को सुबह करीब दस बजे जब मजदूर वेल्डिंग सहित अन्य काम कर रहे थे तो अचानक दो खंभों पर टिके छोटे ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। इससे निकला गर्म तेल नीचे मजदूरों और राहगीरों पर गिरा। इससे मौके पर ही दो मजदूर और एक अन्य राहगीर झुलस गया। घटनास्थल के पास मौजूद लोगों ने मदद की कोशिश की। इसके साथ ही थाना जनकपुरी पुलिस को सूचित किया। कुछ ही देर में दमकल विभाग की दो गाड़ियां आग बुझाने पहुंची।
हादसे में झुलसे श्रमिक आवास विकास निवासी सुनील कुमार और दिनेश कुमार के राहगीर आशुतोष निवासी रानी बाजार को जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया। आसपास के क्षेत्रों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश था। घटनास्थल के ठीक सामने मेडिकल स्टोर संचालित करने वाले नीरज कुमार और मोहम्मद उस्मान ने बताया जिस समय आग लगी तो वे सभी घबरा गए थे। उन्होंने कहा कि गर्मी बढ़ गई है और विद्युत लाइनों से लेकर ट्रांसफार्मर में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इन पर अंकुश लगना चाहिए।
ऊंचाई कम होती तो और बड़ा होता हादसा
सहारनपुर। घटनास्थल के आसपास मौजूद कुछ लोगों ने कहा कि यदि खंभे पर रखे ट्रांसफार्मर की ऊंचाई कम होती तो यह हादसा और बड़ा हो सकता था। इस ट्रांसफार्मर के ठीक पीछे ही जिला अस्पताल को आपूर्ति करने वाली विद्युत लाइनों का जाल है। वहां आग पहुंचती तो खतरा बढ़ सकता था। इसलिए गर्मी के दिनों में ऐसी घटनाएं रोकने के इंतजाम होने चाहिए।
पहले भी हो चुके हादसे, नहीं लिया जा रहा सबक
सहारनपुर। इसी सप्ताह में घंटाघर स्थित बिजलीघर के मुख्य द्वार पर ही विद्युत लाइन में आग लग गई थी। गनीमत रही कि समय रहते इस पर काबू पा लिया गया। इसके अलावा अधिक गर्मी और ओवरलोड के कारण ट्रांसफार्मर में फाल्ट की घटनाएं तो शहर से देहात तक लगातार सामने आ ही रही हैं। बावजूद ऐसी घटनाएं रुक नहीं पा रही हैं।
लापरवाही पर अफसर एक दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी
विद्युत निगम के नगरीय अधीक्षण अभियंता पंकज श्रीवास्तव ने कहा जिस जगह यह हादसा हुआ है, वहां नगर निगम की ओर से खोदाई का काम चल रहा था। वेल्डिंग का काम करते समय ही अर्थिंग वाली लाइन में फाल्ट आने के बाद ही यह घटना हो गई। उन्होंने कहा कि सड़कों पर खोदाई या निर्माण के समय ऐसे काम करते समय पूरा शेड्यूल बताकर अनुमति नहीं ली जाती है। इसके चलते ही निगम की टीमों को खासी मशक्कत करनी पड़ती है। केबल टूटने की घटनाएं भी अक्सर होती हैं। इसलिए खोदाई या निर्माण के दौरान संबंधित विभाग को पूरा समन्वय बनाना चाहिए। इस बारे में निगम और अन्य विभागों को कई बार पत्र भी भेजे जा चुके हैं।
जिला अस्पताल रोड़ पर ट्रांसफार्मर में आग लगने के कारण वाहनो में लगी आग को बुझाने पहुंचे फायर कर्म- फोटो : SAHARANPUR
जिला अस्पताल रोड़ पर ट्रांसफार्मर में आग लगने के कारण वाहनो में लगी आग को बुझाने पहुंचे फायर कर्म- फोटो : SAHARANPUR
जिला अस्पताल रोड़ पर ट्रांसफार्मर में आग लगने के कारण वाहनो में लगी आग को बुझाने पहुंचे फायर कर्म- फोटो : SAHARANPUR
जिला अस्पताल रोड़ पर ट्रांसफार्मर में आग लगने के कारण वाहनो में लगी आग में जले वाहन- फोटो : SAHARANPUR