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दो दिन में एक हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित

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रेलवे रोड स्थित स्टैट बैंक प्रदर्शन करते बैंक कर्मी - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बैंक कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। बैंक कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर समस्याओं के समाधान की मांग की। दो दिन की हड़ताल से जिले भर में एक हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
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शनिवार को बैंक कर्मचारियों ने रेलवे रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के बाहर एकत्र होकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर प्रदीप कुमार गुप्ता, राजीव कुमार जैन, संजय शर्मा, मेघराम, अशोक कुमार, राजीव माहेश्वरी, आशीष कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार की हठधर्मिता के कारण पूरे भारत में करीब दस लाख बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इससे ग्राहकों भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसकी जिम्मेदार केंद्र सरकार है। बैंक कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का सरकार आश्वासन तो देती है, लेकिन इसकी ओर फिर ध्यान नहीं दिया जाता है। अगर मांगें पूरी न हुईं तो मार्च में तीन दिवसीय हड़ताल रखी जाएगी। इसके बाद बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। साथ ही बैंक पेंशनर्स एसोसिएशन से एसडी शर्मा, आरके मल्होत्रा, बलराम वालिया ने कहा कि पारिवारिक पेंशन में बढ़ोतरी की जाए। इस दौरान संजीव शर्मा, अजय कर्णवाल, रतिराम गौतम, सुधीर बुद्घिराजा, नावेद अली, मोहम्मद आसिफ, राजेश खेड़ा, जेपी बंसल, श्यामलाल, तरूण अग्रवाल, दीपक कुमार, सुरेंद्र कुमार, सुधीर जैन, कविता सैनी, नरेश कुुमार, ऋषिपाल, महेंद्र कुमार, कुलदीप राठौर मौजूद रहे। उधर, एलडीएम राजेश चौधरी ने बताया कि दो दिन की हड़ताल करीब एक हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। वहीं, बैंकों की हड़ताल से ग्राहकों को परेेशानी का सामना करना पड़ा।
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प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर इन मांगों को पूरा करने की मांग
-- पर्याप्त लोडिंग के साथ वेतन पर्ची घटकों पर 20 प्रतिशत वृद्धि पर वेतन पुनरीक्षण समझौता पूरा किया जाए।
-- सप्ताह में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की जाए।
-- मूल वेतन के साथ विशेष भत्ते का विलय किया जाए।
-- नई पेंशन योजना समाप्त हो और बैंकों के विलय पर रोक लगाई जाए।
-- पारिवारिक पेंशन में सुुधार हो।
-- परिचालन लाभ के आधार पर कर्मचारी कल्याण कोष का आवंटन किया जाए।
-- बिना सीमा पर के सेवानिवृत्ति लाभों पर आयकर से छूट मिले।
-- अधिकारियों के लिए कार्य करने के घंटे निर्धारित किए जाएं।
-- एक नवंबर 2017 लंबित पड़ा वेतन समझौते को पूरा किया जाए।
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