सहारनपुर। विभिन्न व्यापारी संगठनों ने बलिदान दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन किया। उन्होंने व्यापारी हितों की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों को याद किया। उन्होंने कहा कि उत्पीड़न के विरोध में सभी व्यापारियों को एकजुट होना होगा।
बृहस्पतिवार को घंटाघर स्थित एक सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने 26 मई 1979 में बिक्री कर छापे, सर्वे के विरोध में स्वर्गीय हरीशचन्द्र अग्रवाल के बलिदान को याद किया। व्यापारियों ने उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष विमल विरमानी ने कहा कि स्वर्गीय हरीशचंद्र अग्रवाल के बलिदान को व्यापारी समाज भूल नहीं सकता है। महानगर अध्यक्ष सरदार गुरमेहर सिंह, रजत मित्तल, अश्विनी अरोड़ा, जगदीश कालड़ा, यशपाल त्रेहन आदि ने भी विचार रखे। संचालन जिला महामंत्री हर्ष डाबर ने किया।
इस दौरान विनीत विरमानी, मनोज चितकारा, अमरदीप सिंघल, अनित गर्ग, अश्विनी अरोड़ा, जगदीश कालड़ा, शांतनु ठकराल, नरेंद्र गर्ग, प्रदीप ठाकुर, आशीष बासन, तेजेंद्र सिंह, चेतन गांधी, अनुज मलिक, अनिल भारती, विजय गुप्ता, प्रेम सैनी आदि मौजूद रहे।
उधर, सहारनपुर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल की महानगर इकाई ने घंटाघर स्थित व्यापार भवन में शहीद एवं समर्पण दिवस मनाया। पदाधिकारियों द्वारा शहीदों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। महानगर अध्यक्ष विवेक मनोचा और महानगर महामंत्री सरदार सुरेंद्र मोहन सिंह चावला ने कहा कि व्यापारियों की मेहनत की बदौलत ही भारत आर्थिक रूप से मजबूत देश बन पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेवा एवं वस्तु कर लगने के बाद व्यापारी उत्पीड़न बढ़ रहा है। उत्पीड़न से बचने के लिए व्यापारियों को एकजुट होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है। प्रदेश संगठन मंत्री महेश नारंग, रामराजीव सिंघल, संजय भसीन, राजकुमार विज आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान सूरज प्रकाश ठक्कर, अशोक छाबड़ा, अशोक नारंग, सुधीर मिगलानी, संजय गुप्ता, सुदर्शन जुनेजा, सुधीर सेठी, मोहन मेंहदीरत्ता, सरदार जसबीर सिंह बत्रा, भरत मिगलानी, गुलशन अनेजा, सुरेश सलूजा, यशपाल डाबरा, प्रदीप चौहान आदि मौजूद रहे।