सहारनपुर। लखनऊ की युवती को अगवा कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में दोषी पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या- 9 कल्पना पांडे ने तीन लोगों को 25 साल के कारावास की सजा सुनाई है। इन पर 88-88 हजार रुपये के अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 14 सितंबर 2017 को गोमती नगर लखनऊ निवासी एक युवती अपनी सहेली से मिलने ट्रेन द्वारा देहरादून पहुंची थी। अगले दिन आईएसबीटी पर टनर रोड जाने के लिए ऑटो के इंतजार में खड़ी थी, तभी एक ऑटो वाला आया वह उसके ऑटो में बैठ गई। ऑटो वाला टर्नर रोड न ले जाकर किसी अन्य स्थान पर ले गया, जहां पर पहले से ही कार खड़ी थी। वहां से वह थाना गागलहेड़ी के ग्राम उग्राहू के जंगल में युवती को ले गए। वहां तीन लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया उसके पैसे व जेवरात भी छीन लिए, साथ ही जबरदस्ती शराब पिला दी। किसी राहगीर की सहायता से युवती थाना गागलहेड़ी पहुंची और वहां पर तहरीर दी। सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित त्यागी ने बताया कि पुलिस ने विवेचना उपरांत ग्राम कैलाशपुर निवासी सलाउद्दीन और तौसीफ, लक्खी बाग देहरादून निवासी गुड्डूू तथा ग्राम उग्राहू थाना गागलहेड़ी निवासी अमजद के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के उपरांत कोर्ट ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोषी पाते हुए सलाउद्दीन, गुड्डूू, तौसीफ को धारा 366 में सात साल व 10 हजार अर्थदंड , धारा 376 डी में 25 साल व 50 हजार अर्थदंड, धारा 394 में 10 साल व 15 हजार अर्थदंड, धारा 383 में सात साल व दस हजार रुपये अर्थदंड, धारा 411 में दो साल व तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। चौथे अभियुक्त अमजद को सबूत के अभाव में दोष मुक्त कर दिया है।