सहारनपुर। जनपद की चार चीनी मिलों के हजारों किसान अभी भी गत सीजन के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए तरस रहे हैं। जिले की चार शुगर मिलों में अभी भी करीब 269 करोड़ रुपये बकाया हैं। जबकि दो चीनी मिलों ने गत सीजन का पूरा गन्ना मूल्य भुगतान के साथ ही नये सीजन में खरीदे गन्ने का भुगतान करना भी शुरू कर दिया है।
गन्ना विभाग के समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कराने के तमाम प्रयास विफल साबित हो रहे हैं। जिले की छह चीनी मिलों में से देवबंद और शेर मऊ शुगर मिल ने ही गत सीजन का पूरा गन्ना मूल्य भुगतान किया है। उन्होंने इस सीजन का भी 11 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। गन्ना खरीद अधिनियम के तहत गन्ना मिल में सप्लाई होने के 14 दिनों के बाद गन्ना मूल्य का भुगतान करने का प्रावधान है। इसके बाद भुगतान करने पर संबंधित चीनी मिल को बकाया गन्ना मूल्य पर 15 फीसदी ब्याज देने का भी नियम है। इसके बाद भी किसानों को न तो समय पर गन्ना मूल्य भुगतान हो रहा है और ना ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज ही।
गांव नंदी फिरोजपुर निवासी राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकारी जिलाध्यक्ष सुखवीर सिंह और गांव चौरा खुर्द किसान महक सिंह आदि का कहना है कि समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। उन्होंने बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज का नहीं देने पर भी रोष व्यक्त किया। उनका कहना है गन्ना विभाग के अफसरों के कारण ही चीनी मिलें किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं कर रही हैं।
वर्जन
बकाएदार चीनी मिलों को जारी किए नोटिस
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरत रहीं जिले की चारों चीनी मिलों को जल्द भुगतान करने के नोटिस जारी किए हैं। इन मिलों पर लगभग 259 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं। उम्मीद है ये मिल भी जल्द ही भुगतान कर देंगी। -- कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।
गत सीजन का बकाया गन्ना मूल्य --
मिल ---------------- बकाया
गांगनौली ------- 127.27 करोड़
गागलहेडी -------- 38.57 करोड़
नानौता ----------- 58.45 करोड़
सरसावा ---------- 35.06 करोड़
नोट: गन्ना विभाग के 27 नवंबर के आंकडों के अनुसार।