देवबंद । ईद-उल-अजहा (बकरीद) के त्योहार पर होने वाली कुर्बानी को लेकर सवाल उठाने वाले लोगों को जवाब देते हुए जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम मौलाना कारी इस्हाक गोरा न कहा कि शरीयत में कुर्बानी का कोई और विकल्प ही नहीं है। जो लोग इसको लेकर ज्ञान बांट रहे हैं, वह अपने फ्रिज देखें मांस से भरे मिलेंगे।
मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने जारी एक बयान में कहा कि जो लोग केक काटने या अन्य तरीकों की बात कर रहे हैं, वह शरीयत की भावना को समझ ही नहीं सकते। दूसरों के मजहबी मामलों पर सवाल उठाने वाले सबसे पहले अपनी नीयत और किरदार का जायजा लें। मौलाना इस्हाक ने कहा इस्लाम में कुर्बानी कोई रस्म नहीं है, बल्कि एक अहम इबादत है। जिसे अल्लाह तआला की रजा (खुशी) के लिए अदा किया जाता है। इसका कोई विकल्प नहीं है।
कुर्बानी पर ज्ञान बांटने वाले यह जान लें कि यह अल्लाह के लिए होती है, इंसानों को दिखाने के लिए नहीं। इसे किसी पाखंड, तर्क या किसी की सहूलियत से नहीं तोला जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बकरीद पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, दूसरों की भावनाओं का सम्मान करें, जानवरों के अवशेष इधर-उधर न फेंके, कुर्बानी की वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर न डालें।