नकुड़ के गांव नसरुल्लागढ़ निकट नगली घाट पर बने पुल आई दरार। संवाद
नकुड़ । गांव नसरुल्लागढ़ के निकट हरियाणा की सीमा में यमुना नदी पर करीब 57 करोड़ की लागत से बने पुल में यातायात शुरू होने से पहले ही दरार आ गई। यमुनानगर निवासी एक व्यक्ति ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए शिकायत की। इसके बाद चंडीगढ़ से पहुंची विजिलेंस टीम ने जांच पड़ताल कर कई जगह से नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भिजवाए हैं।
हरियाणा के जनपद यमुनानगर के कई गांव यमुना नदी के इस पार यूपी की तरफ बसे हैं। हरियाणा और यूपी के इन सीमावर्ती गांवों के लोगों को हरियाणा के गुमथला या जठलाना आदि शहरों में जाना पड़े तो इन्हें 40 से 50 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है। दोनों ओर के ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए कुछ वर्ष पूर्व यूपी-हरियाणा सरकार के बीच गांव नसरुल्लागढ़ के समीप नगली घाट पर पुल बनाने के लिए सहमति बनी थी।
वर्ष 2019 में हरियाणा सरकार ने पुल निर्माण के लिए हरी झंडी देते हुए करीब 57 करोड़ का बजट पास किया था। पुल का कार्य 2021 तक पूर्ण होना था। पुल का वर्तमान स्वरूप 2022 में ही तैयार हो गया था, लेकिन आज तक भी इसे चालू नहीं किया जा सका है। पुल के शुरू होने से पहले ही इसके पिलरों सहित कई जगह दरारें आ चुकी हैं। शिकायत पर चंडीगढ़ से विजिलेंस टीम ने पहुंचकर जांच पड़ताल की। जांच अधिकारी जयसिंह ने बताया कि पुल के कई हिस्सों से नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
इसके साथ ही माइनिंग की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
नकुड़ के गांव नसरुल्लागढ़ निकट नगली घाट पर बने पुल आई दरार। संवाद