सहारनपुर। चीनी मिलें इस बार जल्द बंद होने जा रही हैं। नो केन की स्थिति के चलते गांगनौली एवं गागलहेड़ी चीनी मिलों में पेराई बंद करने की तैयारी हो चुकी है। हालांकि गन्ना विभाग के अधिकारियों ने मिल प्रबंधकों से गन्ना अवशेष रहने तक पेराई चालू रखने की हिदायत दी है।
कम गन्ना आपूर्ति के चलते गांगनौली शुगर मिल के शनिवार और गागलहेड़ी चीनी मिल द्वारा सात अप्रैल तक पेराई सत्र समाप्त करने की उम्मीद है। गत सीजन में गांगनौली मिल ने 30 अप्रैल और गागलहेड़ी मिल ने 29 अप्रैल को पेराई सत्र समाप्त किया था। वहीं, जिले की चीनी मिलों में अब तक 425.07 लाख क्विंटल गन्ना पेराई हो चुकी है। जबकि गत सीजन में सभी मिलों ने 520.4 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी।
गन्ना आवक की स्थिति
जिले की चीनी मिलों में अब गन्ना की आपूर्ति में कमी आ रही है। बृहस्पतिवार को देवबंद चीनी मिल में 80 हजार क्विंटल गन्ना पहुंचा, जबकि गांगनौली चीनी मिल में गन्ने की आपूर्ति शून्य रही। शेरमऊ में 50 हजार क्विंटल, गागलहेड़ी में 13 हजार, सहकारी क्षेत्र की नानौता में 46 हजार और सरसावा चीनी मिल में 26 हजार क्विंटल गन्ने की आपूर्ति हुई। इसके चलते मिलों का पेराई सत्र गत सीजन की अपेक्षा जल्द समाप्त होने की संभावना है।
वर्जन
गांगनौली चीनी मिल के शनिवार को और गागलहेडी चीनी मिल के सात अप्रैल तक पेराई सत्र समाप्त करने की संभावना है। अन्य मिलों का पेराई सत्र अभी जारी रहेगा। पूरा गन्ना पेराई करने के बाद ही मिलों को बंद होने दिया जाएगा।-कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी
गन्ना रकबा, पेराई और चीनी उत्पादन
गन्ने का क्षेत्रफल 1.07 लाख हेक्टेयर
अब तक गन्ना पेराई 425.07 लाख क्विंटल
अब तक चीनी उत्पादन 44.21 लाख क्विंटल
औसत शुगर रिकवरी 10.40 प्रतिशत
बकाया गन्ना मूल्य करीब 640 करोड़ रुपये
बकाया भुगतान कराने का निर्देश
फोटो समाचार
सहारनपुर। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने सभी चीनी मिलों को तत्काल बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आपूर्ति योग्य गन्ने की पेराई होने तक चीनी मिलें चलेंगी। शुक्रवार को गन्ना भवन सभागार में केन इंप्लीमेंट कमेटी की बैठक हुई। इसमें जिला गन्ना अधिकारी ने शुगर मिलों के प्रबंधकों से खेतों में अवशेष गन्ने के बारे में जानकारी ली। मिल प्रबंधकों ने बताया कि देवबंद मिल के पास अभी करीब 25 लाख क्विंटल, शेरमऊ के पास 13 लाख क्विंटल, नानौता के पास 14 लाख क्विंटल, गागलहेड़ी के पास 80 हजार क्विंटल और सरसावा के पास 11.50 लाख क्विंटल गन्ना है। इसकी पेराई करने के बाद ही सत्र समाप्त किया जाएगा। इस दौरान सभी वरिष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, गन्ना विकास समितियों के सचिव और चीनी मिलों के अधिकारी मौजूद रहे।