देवबंद(सहारनपुर)। अदबी महफिलों की जान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रसिद्ध शायर डॉक्टर नवाज देवबंदी की शायरी और उनके व्यक्तित्व पर शोध किया जाएगा। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने सहारनपुर निवासी मोहम्मद हारुन को देवबंदी पर पीएचडी करने की मंजूरी दी है।
मीठी जुबान, मुलायम लहजा और मोहब्बत की चाशनी में डूबी शायरी ख्याति प्राप्त शायर डॉक्टर नवाज देवबंदी की पहचान है। उनकी शायरी और शख्सियत को देखते हुए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने सहारनपुर के निशात रोड पीर वाली गली निवासी हाफिज अबरार अहमद के होनहार बेटे हारुन चौधरी को उनके व्यक्तित्व और शायरी पर पीएचडी करने को मंजूरी दी है।
हारुन यूनिवर्सिटी में उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ. असलम जमशेदपुरी की देखरेख में शोध पत्र तैयार करेंगे। वर्ष 2017 में भी हारुन डॉ. आसिफ खान की देखरेख में डॉक्टर नवाज पर स्नातकोत्तर का शोध लिखकर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी से डिग्री हासिल कर चुके हैं। डॉ. नवाज पर पीएचडी किए जाने की खबर से उनके प्रशंसकों ने खुशी जताई है।