सहारनपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से एनीमिया (खून की कमी) विषय पर सेमिनार का आयोजन हुआ। इसमें दूसरे राज्यों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताया कि खून चढ़ाने से पहले सभी जांच करा लेनी चाहिए, ताकि इलाज में कोई दिक्कत न हो। 65 फीसदी महिलाएं खून की कमी से जूझ रही हैं।
हकीकत नगर स्थित आईएमए भवन में हेमेटो ऑन्कोलॉजिस्ट और बोन मैरो ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. धर्मा चौधरी ने मरीजों में खून की कमी के कारण और इसकी जांच प्रक्रिया के बारे में बताया। मरीज में खून बढ़ाने के लिए आयरन का इंजेक्शन केवल आईसीयू सेटअप में ही देना चाहिए, क्योंकि इससे कई बार एलर्जीक रिएक्शन होने की संभावना रहती है। खून की जांच के लिए सीबीसी सबसे सरल और सुलभ जांच है।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. नरेश नोसरान ने कहा कि खून की कमी से शरीर में थकान, कमजोरी और भूख न लगने के लक्षण सबसे पहले दिखते है। सही खानपान और दवाओं के सेवन से ही कमी को दूर कर सकते हैं। लापरवाही करने से एनीमिया में लिवर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस मौके पर सचिव डॉ. महेश चंद्रा, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. मनदीप सिंह, डॉ. प्रवीण शर्मा, डॉ. कलीम अहमद, डॉ. रविकांत निरंकारी, डॉ. इंदिरा भार्गव, डॉ. गुनीता जैन, डॉ. ननिता चंद्रा, डॉ. रेणू सिंघल आदि मौजूद रहे।