मेडिकल कॉलेज का द्वार खुलवाने आई पुलिस के साथ नोकझोंक करते अस्थाई कर्मचारी
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फिर किया मेडिकल कालेज का दूसरा गेट बंद
सरसावा (सहारनपुर)। राजकीय मेडिकल कॉलेज से निकाले गए अस्थायी कर्मियों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्मियों ने मंगलवार को एक बार फिर से मेडिकल कॉलेज का दूसरा द्वार बंद कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने गेट खुलवाने की कोशिश की तो इस दौरान धक्कामुक्की हुई, कर्मी जमीन पर लेट गए। पुलिस ने बमुश्किल उन्हें हटाकर गेट खुलवाया।
मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार का ताला बंद कर धरने पर बैठे अस्थायी कर्मचारियों ने दोपहर करीब एक बजे आवागमन के लिए खोले गए दूसरे द्वार को बंद कर दिया। इससे मेडिकल कॉलेज के मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जो मरीज तथा तीमारदार मेडिकल कॉलेज के भीतर थे, वे भीतर रह गए और जिसे मेडिकल कॉलेज के अंदर जाना था वे बाहर ही सड़क पर मारे मारे फिरते रहे। जानकारी मिलने पर करीब आधे घंटे बाद सरसावा थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ पहुंचे तथा दूसरे द्वार को खुलवाने का प्रयास किया। इस पर अस्थायी कर्मचारी जबरदस्त विरोध करते हुए मुख्य द्वार के आगे रास्ते पर लेट गए। पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की। धक्कामुक्की के बीच पुलिस ने किसी तरह से उन्हें हटाकर गेट खुलवाया। वहीं, आवागमन बाधित होने से परेशान मरीजों ने विरोध प्रदर्शन कर रहे अस्थायी कर्मचारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई।
उपजिलाधिकारी सदर किंषुक श्रीवास्तव ने कहा कि कुछ अस्थायी कर्मचारी इस शर्त पर धरने से हटने के लिए तैयार हो गए हैं कि उनके संबंध में समस्त पत्रावली शासन को भेज दी जाएगी। जबकि कुछ अस्थायी कर्मचारी धरने पर बैठे हैं, जिनको वस्तुस्थिति समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज का द्वार खोलने का जमीन पर लेटकर विरोध करते अस्थाई कर्मचारी- फोटो : SAHARANPUR