सहारनपुर के नागल में परिजनों की डांट से क्षुब्ध होकर आत्महत्या करने का प्रयास कर रहे भाई को बचाने के दौरान एक युवक और उसका दोस्त ट्रेन की चपेट में आ गए। दोनों की ट्रेन से कटकर मौके पर ही मौत हो गई।
मामला रविवार रात का है। एक युवक का शव तो रात में ही मौके पर ही मिल गया, जबकि दूसरे का इंजन में फंस कर दूर तक चला गया। पहले शव का परिजनों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के अंतिम संस्कार कर दिया।
जबकि दूसरे युवक के शव का जीआरपी ने सोमवार को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे में दो मौतों के बाद पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है।
नागल थाना क्षेत्र के गांव ताजपुर निवासी अमित पुत्र जाति रविवार रात लगभग आठ बजे परिजनों की डांट से क्षुब्ध होकर रेल से कट जाने की धमकी देकर घर से चला गया।
अमित को घर पर न पाकर उसका बड़ा भाई पंकज (20) अपने दोस्त बंटी (21) पुत्र कालाराम के साथ बाइक द्वारा नागल रेलवे स्टेशन पर भाई को खोजने पहुंच गए। रेलवे लाइन पर वे अमित की तलाश कर रहे थे कि उन्हें अमित मीरपुर रेलवे फाटक के पास लाइन पर खड़ा दिखाई दिया।
दोनों उसके पास पहुंचे तथा उसको समझाकर लाइन से हटाने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान देवबंद की ओर से देहरादून-नई दिल्ली शताब्दी ट्रेन आ गई। अमित ने ट्रेन के आने पर भी लाइन से खुद को हटाने का विरोध किया।
भाई और दोस्त ने उसे लाइन से हटाने के लिए खींचातानी की तो, इसी दौरान अमित तो लाइन से नीचे आ कर बच गया, जबकि भाई और उसका दोस्त ट्रेन की चपेट में आ गए।
अमित का शव तो मौके पर ही गिर गया, जबकि बंटी का शव इंजन में फंस कर काफी आगे तक चला गया। इसी दौरान रात में ही परिजन युवकों की तलाश करते हुए मौके पर पहुंच गए।
वहां का नजारा देख उनके होश फाख्ता हो गए। मौके पर मिले अमित के शव को लेकर परिजन लौट गए और सोमवार को उसका अंतिम संस्कार किया।जबकि बंटी का शव उन्हें उस वक्त वहां नहीं मिल सका।
सोमवार की सुबह पता चला कि बंटी का शव इंजन में फंसकर आगे चला गया था, जिसे जीआरपी ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। जीआरपी प्रभारी अशोक सिसौदिया ने बताया कि एक शव शताब्दी ट्रेन में फंसकर आया था। उसकी पहचान बंटी के रूप में की गई। सोमवार को उनके परिजन आ गए और शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।