सहारनपुर। बरसात के पानी को एकत्रित कर भूगर्भ जल को रीचार्ज करने के लिए खंभाती कुआं तकनीक अपनाई जाएगी। अभी तक यह तकनीक अहमदाबाद तक सीमित है। सहारनपुर इस तकनीक काे अपनाने वाला उत्तर प्रदेश का पहला शहर होगा। स्मार्ट सिटी सहारनपुर के सीईओ/नगरायुक्त संजय चौहान के निर्देश पर अधिकारियों ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है।
खंभाती कुएं में ईंटों से जालीनुमा कुआं बनाया जाता है, जो 15 फीट तक चौड़ा और 30 फीट तक गहरा होता है। एक कुएं को तैयार करने में साढ़े तीन लाख रुपये तक की लागत आती है। यह कुआं करीब 10 से 15 साल तक प्रभावी तरीके से काम करता है। यह हर घंटे 75 से 80 हजार लीटर पानी को जमीन में उतारता है। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने बताया कि अहमदाबाद शहर में बीते तीन साल में 100 से अधिक खंभाती कुएं बनाए हैं, जिनके परिणाम उम्मीद से भी अधिक अच्छे मिले हैं। (संवाद)
यहां बनाए जाएंगे खंभाती कुएं
स्मार्ट सिटी योजना के तहत कई बड़ी परियोजनाएं तैयार की गई हैं, जिनमें से खंभाती कुओं के लिए चिह्नित किया गया है। चूंकि कुआं बनाने के लिए खुली जगह चाहिए। ऐसे में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज परिसर में तीन, राजकीय इंटर कॉलेज में एक कुआं बनाने की योजना है। इनके अलावा डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम, जनमंच की बगल में बने कनवेंशन हॉल, बस रीचार्जिंग सेंटर, जोनल कार्यालयों, जिनमें नगर निगम परिसर भी शामिल है में खंभाती कुएं बनाए जाएंगे।
भूगर्भ जल का स्तर लगातार गिर रहा है, जो सभी के लिए चिंता का विषय है। भूगर्भ जल को रीचार्ज करने के लिए अभी तक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की तकनीक अपनाई जाती रही है, लेकिन हम भूगर्भ जल को रीचार्ज करने के लिए खंभाती कुआं तकनीक अपनाने जा रहे हैं। स्मार्ट सिटी योजना से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं के परिसरों में यह कुएं बनाए जाएंगे।
संजय चौहान, नगरायुक्त/सीईओ स्मार्ट सिटी सहारनपुर