सहारनपुर। पूर्व प्रधान और अन्य पदों पर आसीन रहे लोगों के जेहन में अब यही सवाल चल रहे हैं कि आरक्षण कैसा होगा, किसकी सीट बदलेगी और कौन फिर से दावेदारी कर सकेगा। इन सवालों का जवाब जल्दी ही सामने होगा। क्योंकि शासन की गाइड लाइन जारी होते ही आरक्षण तय कर दिया जाएगा।
मंगलवार को भी आरक्षण को लेकर चर्चाएं रहीं। इस बार जिले में 884 ग्राम प्रधान, 1206 बीडीसी और 11210 ग्राम पंचायत सदस्यों एवं जिला पंचायत सदस्यों के 49 वार्डों पर चुनाव होगा।
जिला पंचायत राज विभाग के मुताबिक जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आंशिक परिसीमन फाइनल हो गया है। दावे और आपत्तियों का निस्तारण हो चुका है। आंशिक परिसीमन में बीडीसी के 13 और ग्राम पंचायत सदस्यों के 45 पद कम हुए हैं, जबकि जिबला पंचायत सदस्यों की संख्या पहले की तरह 49 ही रहेगी। साथ ही जल्द ग्राम प्रधानों व ग्राम पंचायत सदस्यों के चुनाव के लिए चक्रानुक्रम आरक्षण जारी हो सकता है। वर्ष 2015 में ग्राम पंचायतों के आरक्षण को शून्य मानकर चक्रानुक्रम से शुरुआत हुई है। इस बार चक्रानुक्रम में आरक्षण पिछली बार से आगे बढ़ेगा। शासन ने प्रावधान लागू किया कि यदि 2015 में किसी ग्राम पंचायत में प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए लागू था तो इस बार उसे एससी के लिए आरक्षित नहीं किया जाएगा। पंचायत चुनाव 2020 के नाम से बनाए गए साफ्टवेयर में डाटा लगभग फीड हो चुका है। जल्द ही आरक्षण को लेकर गाइड लाइन जारी हो जाएगी। उधर, मुख्य विकास अधिकारी प्रणय सिंह ने बताया कि दो दिन में आरक्षण तय होने की संभावना है। अभी तक शासन की ओर कोई गाइड लाइन जारी नहीं की गई है।