सहारनपुर। आबादी की भूमि एवं मकानों के स्वामित्व प्रमाणपत्र बनाने के लिए चल रहे सर्वें कार्य ने तेजी पकड़ ली है। अब राजस्व विभाग की टीमें दो ड्रोनों से सर्वेक्षण कार्य कर रहीं हैं। जनपद में अब तक 332 गांवों का सर्वें पूरा हो चुका है। इनमें से 63 गांवों का मानचित्र भी बनाया जा चुका है। इन मानचित्रों का सत्यापन और आपत्तियों के निस्तारण के बाद इसको फाइनल कर दिया जाएगा।
आबादी की भूमि विवाद पर अंकुश लगाने के लिए सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के तहत सर्वेक्षण कार्य तेज हो गया है। जनपद के 1070 राजस्व गांवों में से 332 में ड्रोन सर्वें पूरा हो चुका है। सर्वेक्षण और उन पर आने वाली आपत्तियों के निस्तारण के बाद संबंधित ग्रामीण को स्वामित्व प्रमाणपत्र (घरौनी) उपलब्ध कराए जाएंगे। जिससे गांवों स्वामित्व को लेकर होने वाले विवादों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही ग्रामीण मकान मालिकों को घरौनी के रूप में एक दस्तावेज भी उपलब्ध हो जाएगा। जिससे गांव में आबादी की भूमि को लेकर होने वाले विवादों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
ड्रोन के साथ दो टीमें कर रही सर्वे
जनपद में दो टीमें गांव गांव जाकर ड्रोन के साथ सर्वेक्षण कार्य कर रही हैं। जनपद में अब दो ड्रोन इस कार्य में जुटी हैं। अब तक तहसील सदर के 14, नकुड़ के 17, बेहट के 15, देवबंद के आठ और रामपुर मनिहारान के नौ गांवों में सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। सर्वेक्षण के बाद 63 गांवों के मानचित्र भी तैयार हो गए हैं।
जनपद में 332 गांवों का सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है। सर्वे में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे ग्रामीणों को जल्द ही स्वामित्व प्रमाण पत्र हासिल हो सकें। सर्वेक्षण कार्य को पूरी पारदर्शिता पूरा कराया जा रहा है।
-- अखिलेश सिंह, जिलाधिकारी।