गंगोह रोड़ स्थित पर गेंहू काटती महिला
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सहारनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने मतदान के साथ ही अपने काम पर भी फोकस रखा। कुछ ने सुबह जल्दी ही मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपना वोट डाला, जबकि कुछ लोगों ने सुबह के समय अपना काम किया। दोपहर के समय मतदान किया। ग्रामीणों ने कहा मतदान के साथ ही काम भी जरूरी है।
वर्तमान समय में गेहूं कटाई से लेकर मिल में गन्ना सप्लाई करने तक का काम जोर शोर से चल रहा है, लेकिन ग्रामीणों में गांवों की सरकार बनाने के लिए पूरा जोश नजर आया। बड़ी संख्या में महिलाएं भी मतदान के लिए मतदेय स्थल पर लगी लाइनों में डटी रहीं। मतदाताओं ने जहां खेत में खूब पसीना बहाया, वहीं काम निबटाकर मतदान भी किया।
गांव अंबेहटा चांद के शिवकुमार ने जहां सुबह जल्दी उठकर दस बजे तक खेत जाकर बुधवार शाम को काटे गए गेहूं की बंधाई और बाद में कटाई की। इसके बाद उन्होंने अपने परिजनों के साथ वोट डालने के लिए मतदान केंद्र पहुुंचे। उन्होंने कहा वर्तमान समय में खेती का काम चरम पर है, लेकिन वोट डालना भी जरूरी है। इसलिए पहले खेत में काम किया और अब वोट डालने जा रहे हैं। सुबह मतदान केंद्रों पर भीड़ अधिक रही, लेकिन दोपहर के समय भीड़ कम हो गई।
गांव अहमदपुर में अपने परिवार के साथ गेहूं काट रहे गांव हलगोवा के श्रमिक राजवीर कहते हैं कि दोपहर को वोट डालेंगे। दोपहर तक कटाई भी हो जाएगी और मतदान केंद्र पर भीड़ भी कम हो जाएगी। इससे जल्द ही वोट डालने का नंबर आ जाएगा।
गांव बुड्ढ़ा खेड़ा गुर्जर के किसान अनार सिंह सैनी सुबह साढे़ सात बजे मतदान करने के बाद सीधे अपने खेत जाकर खीरा, करेला और सेम की फसल में कीटनाशकों के छिड़काव में जुट गए। उनका कहना है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान से गांवों की सरकार चुनी जाती है, इसलिए पहले मतदान किया है। खेती का काम तो रोजाना ही किया जाता है।
गंगोह रोड़ स्थित पर गेंहू काटती मशीन- फोटो : SAHARANPUR