सहारनपुर। पांच लोगों के जहर निगलने के मामले में अमर उजाला में प्रकाशित खबर पर शासन ने संज्ञान लिया है। सिस्टम की खामियों को उजागर करते हुए खबर में प्रकाशित किया गया था कि किस तरीके से लखनऊ से आइडी पासवर्ड नहीं मिलने पर 108 एंबुलेंस 20 मिनट तक खड़ी रही और पांच जिंदगियां अंदर तड़पती रहीं। जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ रिपोर्ट तैयार करेंगे।
दरअसल, सोमवार दोपहर के समय विकास, उसकी पत्नी रजनी और तीनों बच्चों को जिला अस्पताल में लाया गया। हालत गंभीर होने के चलते ट्रॉमा सेंटर में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल में रेफर करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके लिए दो 108 एंबुलेंस बुलाई गई। एक एंबुलेंस में विकास और उसकी बेटी, जबकि दूसरी एंबुलेंस में उसकी पत्नी और दोनों छोटे बच्चे थे। एंबुलेंस का ड्राइवर काफी देर तक खड़ा रहा। पता चला कि लखनऊ से आइडी पासवर्ड नहीं मिला है। आइडी पासवर्ड मिले बिना वह चल नहीं सकते। क्योंकि 108 एंबुलेंस लखनऊ मुख्यालय से ऑपरेट होती है। एक एंबुलेंस थोड़ा आगे चली, फिर खड़ी हो गई।
बताया कि आइडी में कोई समस्या है। हालांकि 20 मिनट बाद दोनों एंबुलेंस उन्हें लेकर चली गई। अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में अटकती रही एंबुलेंस, अंदर तड़पती रहीं जिंदगियां शीर्षक से सिस्टम की इस खामी को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होते ही शासन ने मामले पर संज्ञान लिया और पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार से एंबुलेंस से संबंधित मामले को लेकर रिपोर्ट मांगी है, जो शासन को भेजी जाएगी।
आइडी पासवर्ड देरी से मिलने को लेकर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। यह तकनीकी खामी है या फिर कोई अन्य वजह रही, जिससे सुधार हो सकते। सीएमओ इस रिपोर्ट को तैयार करेंगे।
- मनीष बंसल, जिलाधिकारी
प्राइवेट से न लें लोन, सरकारी योजनाओं का उठाएं लाभ
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि परिवार ने जो कदम उठाया है वह बेहद गलत है। ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर परिवार को कोई दिक्कत थी कि वह आकर मिल सकते थे। समस्या का समाधान कराया जाता। जिलाधिकारी ने आमजन से भी अपील की है कि प्राइवेट से लोन न लें। सरकार की कई योजनाएं हैं, जिनसे आर्थिक मदद मिलती है। इस तरह फाइनेंसरों के जाल में न फंसे।