12 व 13 दिसंबर को ईडी की टीम ने सीआरपीएफ जवानों की मौजूदगी में शास्त्री नगर स्थित विभोर राणा व उसके भाई विशाल के आवास व कार्यालयों पर छापा मारा था। टीम ने दो दिन रहकर आवास व कार्यालय में कोडिनयुक्त कफ सिरप की बिक्री और वित्तीय लेनदेन से जुड़े एक-एक दस्तावेजों को खंगाला था।
दोनों भाइयों पर आरोप है कि उन्होंने बड़ी मात्रा में कोडिनयुक्त कफ सिरप की खरीद की और उसके बाद कई फर्में बनाई। धोखाधड़ी से लाइसेंस प्राप्त किए। फर्जी रिकॉर्ड उक्त स्टॉक रखा। हेराफेरी कर अंतरराज्यीय स्तर पर तस्करी की।
यह भी आरोप है कि अवैध व्यापार से प्राप्त पर्याप्त धनराशि को फर्जी संस्थाओं के बैंक खातों में जमा किया। बाद में कई लेनदेन के माध्यम से आरोपियों ने संस्थाओं व खातों में स्थानांतरित किया। ईडी की टीम दो दिन में जांच से संबंधित विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेजों और अभिलेखों को जब्त किया।
आठ लाख के कफ सिरप लाने के मामले में जांच
बेहट के दाउदपुरा निवासी पंकज शर्मा ने गाजियाबाद की एक कंपनी से करीब आठ लाख रुपये के कोडिनयुक्त कफ सिरप खरीदे थे। इस मामले में औषधि निरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने कफ सिरप का रिकॉर्ड नहीं मिलने पर बेहट थाने में पंकज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अब पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। आरोपी अभी पुलिस पकड़ से दूर है।